इजराइल ने ईरान की राजधानी तेहरान पर हमला किया, वीडियो में देंखे मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर
मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ते सैन्य खतरे के बीच आज सुबह इजराइल द्वारा ईरान की राजधानी तेहरान पर हमला किए जाने की जानकारी सामने आई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, स्थानीय मीडिया ने बताया कि तेहरान के यूनिवर्सिटी स्ट्रीट और जोमहोरी इलाके में कई मिसाइलें गिरीं, जिससे व्यापक नुकसान और अफरातफरी मच गई। वहीं, शहर के डाउनटाउन क्षेत्र में पाश्चर स्ट्रीट के आसपास घना धुआं उठता हुआ देखा गया, जो हमले की तीव्रता का संकेत देता है।
जानकारी के अनुसार, यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिरोध और संभावित सैन्य कार्रवाई की अफवाहें तेज़ हो गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इजराइल ने यह हमला ईरान के संवेदनशील इलाकों और रणनीतिक स्थलों को निशाना बनाकर किया है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और अधिक जटिल हो गई है।
हमले के तुरंत बाद इजराइल में इमरजेंसी घोषित कर दी गई। पूरे देश में सायरन बजाए गए और नागरिकों को अपने-अपने घरों में सुरक्षित स्थानों पर रहने की चेतावनी दी गई। सरकार ने मोबाइल और अन्य कम्युनिकेशन डिवाइस के माध्यम से सीधे निर्देश जारी किए कि लोग सुरक्षित जगहों के पास रहें और किसी भी तरह की अनावश्यक गतिविधियों से बचें।
मिडिल ईस्ट के सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि यह हमला इजराइल की ओर से ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। पिछले वर्षों में भी इजराइल और ईरान के बीच बार-बार तनावपूर्ण स्थिति पैदा होती रही है, खासकर जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और रॉकेट परीक्षणों को लेकर विवाद होता है। हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि इस हमले से क्षेत्रीय स्तर पर अस्थिरता बढ़ सकती है और अन्य देशों को भी इसके प्रतिकूल परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
स्थानीय नागरिकों ने सोशल मीडिया पर हमले के दृश्य साझा किए हैं, जिसमें धुएं और आग की लपटें साफ़ दिखाई दे रही हैं। कई इलाकों में लोग अपने घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं और आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय होते देखा गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने अभी तक इस हमले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन यूरोप और अमेरिका के कुछ देशों ने सुरक्षा परिषद में चर्चा की संभावना जताई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी दिनों में मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ सकता है। ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है, जिससे पूरे क्षेत्र में संकट और बढ़ सकता है। वहीं, अमेरिका ने पहले ही क्षेत्र में अपने सैन्य बलों को तैयार रखने की चेतावनी दी है।
इस हमले ने साफ कर दिया है कि मिडिल ईस्ट में सुरक्षा और कूटनीतिक हालात अस्थिर हैं और किसी भी समय बड़े स्तर पर संघर्ष की आशंका बनी हुई है। नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए यह एक गंभीर चेतावनी है कि क्षेत्रीय तनाव अब केवल कूटनीतिक स्तर तक सीमित नहीं रह गया है।