आईआईटी गुवाहाटी से लंदन तक: अंकिता खांटे की कहानी, जिसने बनाई खुद की क्लब जिंदगी
IIT गुवाहाटी से पढ़ाई करने के बाद अंकिता खांटे ने करियर की दुनिया में कदम रखा और जल्दी ही सफलता हासिल की। बेंगलुरु में वह एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में प्रोडक्ट डिजाइनर के पद पर काम कर रही थीं, जहां उनकी सैलरी और करियर दोनों ही अच्छे थे।
सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन दो साल पहले उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया। उनके पति अमन कृष्णा को लंदन के एक बड़े बैंक में डेटा साइंटिस्ट की नौकरी मिली। दोनों ने इस अवसर को स्वीकार किया और विदेश जाने का फैसला किया।
लंदन पहुंचने के बाद अंकिता की लाइफस्टाइल में अचानक बड़ा बदलाव आया। भारत में जहां उनका दिन बहुत व्यस्त रहता था, वहीं लंदन में उन्हें काफी खाली समय मिलने लगा। यह खाली समय उन्हें सोचने पर मजबूर कर गया कि इसे किस तरह उत्पादक और मजेदार बनाया जाए।
इसी सोच के तहत अंकिता और उनके पति अमन ने मिलकर एक मासिक क्लब शुरू किया। इसे उन्होंने नाम दिया “The Bouzi Club”। क्लब की थीम और माहौल कुछ अलग ही है। इसमें वे अपने जैसे क्रिएटिव और एंटरटेनमेंट के शौकीन लोगों को इकट्ठा करते हैं। यहाँ लोग सिर्फ मज़ा लेने नहीं आते, बल्कि नेटवर्किंग, नए आइडियाज और सांस्कृतिक अनुभव भी साझा करते हैं।
क्लब के आयोजनों में खाना, संगीत और थीम के अनुसार विभिन्न एक्टिविटीज़ शामिल होती हैं। अंकिता बताती हैं कि यह क्लब उनके और उनके पति के लिए सिर्फ मनोरंजन का जरिया नहीं, बल्कि सामाजिक जुड़ाव और लोगों से सीखने का माध्यम भी बन गया है। लोग यहां अपने अनुभव साझा करते हैं, नए लोगों से मिलते हैं और लंदन की व्यस्त जिंदगी से एक अलहदा ब्रेक लेते हैं।
सोशल मीडिया पर भी इस क्लब का खासा चर्चा रही है। यूजर्स इसकी अनोखी थीम, आयोजन की शैली और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की सोच के लिए इसे सराह रहे हैं। अंकिता का कहना है कि The Bouzi Club ने उन्हें लंदन में अपने नए जीवन में समृद्धि और संतुलन बनाए रखने में मदद की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि विदेश में नए माहौल और खाली समय का सही उपयोग करना एक चुनौती हो सकता है। ऐसे में अंकिता की कहानी प्रेरणादायक है। उन्होंने अपने खाली समय को सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे क्रिएटिव और समाजिक रूप से उपयोगी गतिविधियों में बदल दिया।