दिल्ली-एनसीआर में बढ़ा डस्ट और पॉल्यूशन, मौसम वैज्ञानिक ने दी चेतावनी
राजधानी दिल्ली सहित एनसीआर (National Capital Region) इलाके में इन दिनों डस्ट और धूल का स्तर बढ़ गया है। इसका असर न केवल हवा की गुणवत्ता पर पड़ा है बल्कि आसमान में विजिबिलिटी (दृश्यता) भी काफी कम हो गई है। इस वजह से लोगों को सफर के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और प्रदूषण स्तर भी लगातार ऊँचे बने हुए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान लगभग 36 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बता दें कि पिछले कुछ दिनों से राजधानी में तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे गर्मी और धूल दोनों का स्तर अधिक महसूस किया जा रहा है।
मौसम वैज्ञानिक महेश पालावत ने इस बदलाव के बारे में बताया कि दिल्ली और एनसीआर में डस्ट का कारण अक्सर आसपास के सूखे क्षेत्रों और औद्योगिक गतिविधियों से उड़ती मिट्टी होती है। इसके अलावा, वायुमंडलीय परिस्थितियां और हवा की दिशा भी इस धूल के फैलाव को प्रभावित करती हैं। पालावत ने कहा कि इन दिनों हवा में नमी कम होने के कारण धूल अधिक देर तक उड़ती रहती है, जिससे विजिबिलिटी कम और पॉल्यूशन लेवल बढ़ जाता है।
उन्होंने नागरिकों को सलाह दी कि इस समय सुरक्षा उपाय अपनाना जरूरी है। विशेषकर जिन लोगों को सांस से संबंधित समस्याएं हैं, उन्हें बाहर निकलते समय मास्क पहनने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, घर के अंदर भी धूल को रोकने के लिए दरवाजे और खिड़कियों को बंद रखना फायदेमंद होगा।
मौसम विशेषज्ञ महेश पालावत ने बताया कि तापमान में यह बढ़ोतरी मार्च और अप्रैल के महीनों में सामान्य है, लेकिन इसके साथ ही धूल और प्रदूषण का स्तर अधिक होना स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने लोगों से अपील की कि हवा की गुणवत्ता पर निगरानी रखने वाले ऐप्स और अलर्ट्स को नियमित चेक करें और अपने दैनिक गतिविधियों को उसी अनुसार एडजस्ट करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण धूल का स्तर कुछ हद तक बढ़ सकता है। इसलिए नागरिकों को बाहर निकलते समय विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदूषण के उच्च स्तर के चलते सुबह और शाम की समय अवधि में लंबे समय तक बाहर रहना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
इस समय दिल्ली-एनसीआर में मौसम और प्रदूषण का यह मिश्रण लोगों के लिए एक चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर रहा है। पालावत ने कहा कि यदि लोग इन चेतावनियों का पालन करेंगे, तो वे अपने स्वास्थ्य को सुरक्षित रख सकते हैं और धूल के दुष्प्रभावों को कम कर सकते हैं।
इस तरह, दिल्लीवासियों के लिए यह समय सावधानी और सुरक्षा का है। मौसम विशेषज्ञ लगातार इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और आवश्यक चेतावनियां जारी कर रहे हैं ताकि नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों से बचाया जा सके।