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CBI ने पश्चिम विहार के ASI को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया

 

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने दिल्ली पुलिस के एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपी ASI पश्चिम विहार पुलिस स्टेशन में तैनात था और उसे शिकायतकर्ता से 15,000 रुपये की रिश्वत लेते समय रंगे हाथों पकड़ा गया। CBI की ओर से जारी प्रेस रिलीज में यह जानकारी दी गई है।

CBI के अनुसार, यह मामला 7 फरवरी 2026 को दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी ASI ने उनके भाई को जमानत दिलवाने के बदले कुल 25,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत के बाद CBI ने मामले की गहन जांच शुरू की और अंततः आरोपी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।

प्रवर्तन अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के खिलाफ साक्ष्य संकलित किए गए हैं और उसे आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत न्यायालय में पेश किया जाएगा। CBI ने यह भी स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बर्दाश्त की जाएगी और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस में तैनात अधिकारियों द्वारा रिश्वत की मांग न केवल आम नागरिकों के विश्वास को कमजोर करती है, बल्कि न्याय व्यवस्था की भी छवि धूमिल करती है। इस घटना ने दिल्ली पुलिस में निगरानी और जवाबदेही के महत्व को उजागर किया है।

CBI ने अपने प्रेस नोट में कहा कि इस गिरफ्तारी से स्पष्ट संदेश जाता है कि कोई भी सरकारी अधिकारी कानून और भ्रष्टाचार विरोधी नियमों से ऊपर नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

पश्चिम विहार पुलिस स्टेशन में तैनात आरोपी ASI के खिलाफ अब भ्रष्टाचार और अधिकार का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप लगे हैं। CBI की जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या आरोपी ने इस तरह की अन्य गतिविधियों में भी संलिप्तता दिखाई है।

इस गिरफ्तारी ने राजधानी में नागरिकों के बीच आशा जगाई है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकारी एजेंसियां सख्त कदम उठा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से पुलिस और अन्य सरकारी संस्थाओं में जवाबदेही बढ़ेगी और नागरिकों के विश्वास में सुधार होगा।

CBI ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी सरकारी अधिकारी से रिश्वत मांगने या अन्य अवैध गतिविधियों का सामना करना पड़े तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को कानून के तहत सजा दी जाएगी।

इस घटना ने यह भी साबित कर दिया है कि भ्रष्टाचार रोकने के लिए लगातार निगरानी और सक्रिय कदम उठाना जरूरी है। CBI की तत्परता और आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।