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अजरबैजान ने ड्रोन हमले के लिए ईरान को ठहराया जिम्मेदार, वीडियो में देंखे राष्ट्रपति अलीयेव ने मांगी माफी

 

अजरबैजान ने हाल ही में हुए ड्रोन हमले को लेकर ईरान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अजरबैजान के राष्ट्रपति इलहाम अलीयेव ने इस घटना के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि तेहरान को इस मामले में आधिकारिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।

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अजरबैजान सरकार के अनुसार यह हमला नखचिवान क्षेत्र में हुआ, जहां दो ड्रोन देखे गए। इनमें से एक ड्रोन नखचिवान इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन से टकरा गया, जिससे एयरपोर्ट के ढांचे को नुकसान पहुंचा। वहीं दूसरा ड्रोन शकराबाद गांव में एक स्कूल के पास गिरा। इस घटना में दो नागरिक घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

घटना के बाद अजरबैजान के राष्ट्रपति इलहाम अलीयेव ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने इस हमले को “कायराना हमला” करार देते हुए कहा कि यह अजरबैजान की संप्रभुता और सुरक्षा पर सीधा हमला है। राष्ट्रपति अलीयेव ने कहा कि इस तरह की घटनाएं क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं। उन्होंने मांग की कि इस हमले के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

इस मामले को लेकर अजरबैजान के विदेश मंत्रालय ने भी सख्त रुख अपनाया है। मंत्रालय ने ईरान के राजदूत को तलब कर इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि अजरबैजान अपनी सुरक्षा से जुड़े किसी भी खतरे को गंभीरता से लेता है और इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्रालय ने ईरान से इस मामले पर स्पष्ट जवाब देने की भी मांग की है।

हालांकि ईरान ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। ईरान की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस ड्रोन हमले में उसका कोई हाथ नहीं है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वे इस घटना की पूरी जांच कर रहे हैं और वास्तविक तथ्यों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। ईरान ने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि का वह समर्थन नहीं करता।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के बाद दक्षिण काकेशस क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है। अजरबैजान और ईरान के बीच पहले से ही कई मुद्दों को लेकर मतभेद रहे हैं, जिनमें सीमा सुरक्षा और क्षेत्रीय राजनीति शामिल हैं। ऐसे में यह ड्रोन हमला दोनों देशों के संबंधों को और अधिक जटिल बना सकता है।

फिलहाल दोनों देशों की नजरें इस मामले की जांच पर टिकी हुई हैं। अजरबैजान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस हमले की सच्चाई सामने आने तक इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने से भी पीछे नहीं हटेगा। वहीं ईरान ने जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की बात कही है। अब देखना होगा कि जांच के बाद इस मामले में क्या नई जानकारी सामने आती है और दोनों देशों के संबंधों पर इसका क्या असर पड़ता है।