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कोलकाता में अमित शाह का बड़ा हमला, वीडियो में देंखे TMC सरकार पर 15 साल के ‘काले कारनामों’ का आरोप पत्र जारी

 

केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने शनिवार को कोलकाता में पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के खिलाफ एक आरोप पत्र (चार्जशीट) जारी करते हुए राज्य की राजनीति में बड़ा बयान दिया। इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री Mamata Banerjee पर तीखा हमला बोलते हुए सरकार के कामकाज और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए।

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अमित शाह ने कहा कि यह आरोप पत्र केवल राजनीतिक दस्तावेज नहीं है, बल्कि “जनता की चार्जशीट” है, जिसमें TMC सरकार के पिछले 15 वर्षों के कार्यकाल में कथित “काले कारनामों” का विवरण शामिल है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो चुकी है और राज्य अराजकता तथा बदहाली की ओर बढ़ रहा है।गृह मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति भी गंभीर दबाव में है। उनके अनुसार, “बंगाल की अर्थव्यवस्था चौपट हो चुकी है” और विकास कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय राजनीतिक रणनीतियों पर अधिक ध्यान दे रही है।

अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर “विक्टिम कार्ड पॉलिटिक्स” करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी कभी खुद को पीड़ित दिखाती हैं, कभी चोट का हवाला देती हैं, तो कभी राजनीतिक परिस्थितियों को अपने पक्ष में करने की कोशिश करती हैं। शाह के अनुसार, यह रणनीति लंबे समय से अपनाई जा रही है, लेकिन अब जनता इसे समझ चुकी है।उन्होंने 2021 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी के चोटिल होने की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान इस तरह की परिस्थितियाँ चर्चा का विषय रही हैं। हालांकि, उनके इन बयानों पर TMC की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

कार्यक्रम के दौरान शाह ने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल के लोग अब परिवर्तन चाहते हैं और राज्य में “बेहतर शासन” की आवश्यकता महसूस की जा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विकास और सुरक्षा के मुद्दों पर लगातार काम कर रही है, लेकिन राज्य स्तर पर सहयोग की कमी के कारण कई योजनाओं का प्रभाव सीमित रह जाता है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अमित शाह का यह बयान आगामी चुनावों को देखते हुए बेहद महत्वपूर्ण है और इससे राज्य की सियासत में नई गर्माहट आ सकती है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच पहले से ही तनावपूर्ण माहौल में यह बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।फिलहाल, पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है और आने वाले दिनों में इस आरोप पत्र को लेकर सियासी बहस और तेज होने की उम्मीद है।