गैस-पेट्रोल की किल्लत पर फर्जी वीडियो फैलाने वाले 11 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर गिरफ्तार
गैस और पेट्रोल की कथित किल्लत को लेकर सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो बनाकर अफवाह फैलाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में 11 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन लोगों ने भ्रामक वीडियो तैयार कर जनता के बीच भ्रम और अफरा-तफरी का माहौल बनाने की कोशिश की।
पुलिस के अनुसार, ये वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल किए गए थे, जिनमें पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें और गैस सिलेंडर की कथित कमी जैसे दृश्य दिखाए गए थे। जांच में सामने आया कि इनमें से कई वीडियो एडिटेड या पुराने थे, जिन्हें गलत संदर्भ में पेश किया गया।
🎥 कैसे फैलाई गई अफवाह
जांच अधिकारियों का कहना है कि कुछ इन्फ्लुएंसरों ने जानबूझकर व्यूज़ और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए इन फर्जी वीडियो को रिकॉर्ड और शेयर किया। कुछ मामलों में वीडियो को एडिट कर उसमें झूठी जानकारी जोड़ी गई, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हुई।
इन वीडियो के वायरल होने के बाद कई इलाकों में लोगों ने पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर भीड़ लगा दी, जिससे अस्थायी रूप से अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
🚔 पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके मोबाइल फोन, लैपटॉप और सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह एक संगठित प्रयास हो सकता है, जिसका उद्देश्य सोशल मीडिया पर सनसनी फैलाना था।
⚖️ सख्त कानूनी कार्रवाई के संकेत
पुलिस ने कहा है कि इस तरह की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों पर आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी वायरल वीडियो या खबर को बिना सत्यापन के शेयर न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
📢 सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ी
इस घटना के बाद प्रशासन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी और सख्त कर दी है, ताकि भविष्य में इस तरह की फर्जी खबरों को रोका जा सके।