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वामिका गब्बी को कभी लगता था एक्टिंग उनके बस की बात नहीं, वीडियो में जाने 16-17 साल की उम्र में मिली थी ऐसी नसीहत

 

 

एक्ट्रेस वामिका गब्बी आज फिल्मों और ओटीटी की दुनिया में अपनी पहचान बना चुकी हैं। वह बड़े सितारों के साथ काम कर रही हैं और उनके अभिनय को भी पसंद किया जा रहा है। लेकिन एक समय ऐसा था, जब उन्हें खुद पर भरोसा नहीं रह गया था। लगातार मिल रहे रिजेक्शन और मनपसंद भूमिकाएं नहीं मिलने के कारण उन्हें लगने लगा था कि शायद वह एक्टिंग के लिए बनी ही नहीं हैं। मुंबई में करीब 6-7 साल बिताने के बाद भी उनका करियर उस मुकाम तक नहीं पहुंचा था, जिसका उन्होंने सपना देखा था। इस दौरान उन्हें ऐसी बातें भी सुननी पड़ीं, जिन्होंने उनके आत्मविश्वास को चुनौती दी।

वामिका के शुरुआती करियर का एक किस्सा उनके संघर्ष को बयां करता है। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि जब वह अपनी शुरुआती फिल्मों में से एक की शूटिंग कर रही थीं, तब उनकी उम्र करीब 16-17 साल थी। फिल्म की पूरी टीम डिनर के लिए बैठी हुई थी। इसी दौरान एक शख्स उनके पास आया और उन्हें अपने अभिनय पर काम करने की सलाह दी। उसने कहा कि उन्हें अपने क्राफ्ट पर मेहनत करनी चाहिए और एक अच्छी एक्टर बनना चाहिए, क्योंकि कोई उन्हें हीरोइन के तौर पर कास्ट नहीं करेगा।कम उम्र में मिली इस टिप्पणी ने वामिका के सामने एक कठिन चुनौती रख दी। उस समय वह अभिनय की दुनिया में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही थीं। ऐसे में इस तरह की बात सुनना आसान नहीं था। हालांकि, उनके सफर में आगे कई ऐसे मौके आए, जिन्होंने उन्हें अपने हुनर को निखारने और एक अलग पहचान बनाने में मदद की।

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रिजेक्शन के बीच अधूरे रह गए दो बड़े प्रोजेक्ट

मुंबई में कई साल तक काम करने के बावजूद वामिका को मनचाही सफलता नहीं मिल रही थी। इस दौरान उन्हें नेटफ्लिक्स की दो सीरीज ‘बाहुबली: बिफोर द बिगिनिंग’ और ‘मिडनाइट्स चिल्ड्रन’ से जुड़ने का मौका मिला। हालांकि, ये दोनों प्रोजेक्ट दर्शकों तक नहीं पहुंच पाए। किसी कलाकार के लिए ऐसे प्रोजेक्ट से जुड़ने के बाद भी उन्हें पर्दे पर न देख पाना निराशाजनक हो सकता है।लेकिन वामिका के करियर में ये अनुभव बेकार नहीं गए। उनके सफर में एक अधूरी सीरीज भी अहम मोड़ साबित हुई। इसी दौर में उन्हें अभिनय को नए तरीके से समझने और अपनी कमियों पर काम करने का अवसर मिला।

विशाल भारद्वाज की वर्कशॉप से मिला नया नजरिया

वामिका गब्बी के अभिनय सफर में निर्देशक विशाल भारद्वाज की वर्कशॉप की भी अहम भूमिका रही। इस वर्कशॉप ने उन्हें अभिनय को नए नजरिए से देखने में मदद की। कलाकार के तौर पर खुद को बेहतर बनाने और किरदारों को समझने की उनकी प्रक्रिया को इससे नई दिशा मिली।इसके बाद विक्रमादित्य मोटवानी की वेब सीरीज ‘जुबली’ ने उन्हें हिंदी दर्शकों के बीच खास पहचान दिलाई। इस सीरीज के जरिए वामिका को अपनी अभिनय क्षमता दिखाने का महत्वपूर्ण मौका मिला। धीरे-धीरे उनके काम को पहचान मिलने लगी और उनके लिए नए रास्ते खुलते गए।

आज फिल्मों और ओटीटी में बना रहीं पहचान

वामिका गब्बी का सफर बताता है कि मनोरंजन की दुनिया में सफलता हमेशा सीधे रास्ते से नहीं मिलती। कई बार लगातार कोशिशों के बावजूद मौके हाथ नहीं आते और कभी-कभी बड़े प्रोजेक्ट भी अधूरे रह जाते हैं। ऐसे में अपने हुनर पर काम करते रहना और नए अनुभवों से सीखना महत्वपूर्ण होता है।जिस एक्ट्रेस को कभी कहा गया था कि कोई उन्हें हीरोइन के रूप में कास्ट नहीं करेगा, वह आज फिल्मों और ओटीटी प्रोजेक्ट्स में लगातार काम कर रही हैं। उनके शुरुआती संघर्ष की यह कहानी दिखाती है कि किसी एक व्यक्ति की राय किसी कलाकार के पूरे भविष्य का फैसला नहीं करती। वामिका ने अपने सफर में मिले अनुभवों को पीछे छोड़ते हुए अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए।