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Vatsala Rajagopal Death: 93 साल की उम्र में अभिनेत्री वत्सला राजगोपाल का निधन, ‘रोजा’ से मिली थी खास पहचान

 

भारतीय फिल्म और टेलीविजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। तमिल सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री वत्सला राजगोपाल का शुक्रवार, 30 अक्टूबर को चेन्नई में निधन हो गया। उन्होंने 93 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिनेत्री उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं। उनके निधन की खबर से दक्षिण भारतीय मनोरंजन जगत में शोक का माहौल है।

वत्सला राजगोपाल ने फिल्मों के साथ-साथ टेलीविजन की दुनिया में भी अपनी अलग पहचान बनाई थी। उन्होंने अपने लंबे करियर में कई यादगार किरदार निभाए और दर्शकों के बीच लोकप्रियता हासिल की। उनका पार्थिव शरीर चेन्नई के पल्लवरम स्थित उनके आवास पर रखा गया है।

60 साल की उम्र में फिल्मों में रखा था कदम

वत्सला राजगोपाल की अभिनय यात्रा काफी प्रेरणादायक रही। उनका जन्म 1933 में तिरुवनंतपुरम में हुआ था। अभिनय में रुचि होने के बावजूद उन्होंने अपने करियर की शुरुआत फिल्मों से नहीं, बल्कि नौकरी से की थी। वह चेन्नई में अकाउंटेंट जनरल के कार्यालय में क्लर्क के रूप में काम करती थीं।

बाद में उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा। करीब 60 साल की उम्र में उन्हें मणिरत्नम की चर्चित फिल्म ‘रोजा’ में काम करने का अवसर मिला। वर्ष 1992 में रिलीज हुई इस फिल्म में उन्होंने अभिनेत्री मधू के किरदार की दादी की भूमिका निभाई थी। फिल्म में अरविंद स्वामी भी अहम भूमिका में नजर आए थे।

400 से ज्यादा फिल्मों में किया अभिनय

वत्सला राजगोपाल तमिल फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी कलाकारों में शामिल थीं। उन्होंने अपने तीन दशक से अधिक लंबे फिल्मी सफर में 400 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। अपनी सहज अदाकारी और अलग-अलग किरदारों को निभाने की क्षमता के कारण उन्होंने दर्शकों के बीच खास जगह बनाई।

‘रोजा’ के अलावा वह ‘धाम धूम’, ‘मोझी’, ‘साथी लीलावती’, ‘रिदम’, ‘विनर’, ‘अन्नियन’, ‘पट्टियल’ और ‘कल्याण समायल सादम’ जैसी फिल्मों में भी नजर आईं। इस दौरान उन्हें तमिल सिनेमा के कई चर्चित कलाकारों और फिल्म निर्माताओं के साथ काम करने का मौका मिला।

टीवी की दुनिया में भी छोड़ी अपनी छाप

बड़े पर्दे पर लोकप्रियता हासिल करने के साथ ही वत्सला राजगोपाल ने छोटे पर्दे पर भी सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने कई तमिल टीवी धारावाहिकों में काम किया और अपने अभिनय से दर्शकों का मनोरंजन किया।

वह ‘चिथी’, ‘आनंदम’, ‘कधई नेरम’, ‘मुंधनाई मुदिचु’, ‘आडुगिरेन कन्नन’, ‘कढ़ाल पगड़ाई’, ‘मगल’ और ‘वसंतम’ जैसे धारावाहिकों से जुड़ी रहीं। फिल्मों और टेलीविजन में उनके योगदान ने उन्हें तमिल मनोरंजन जगत में एक जाना-पहचाना नाम बनाया।

यादगार अभिनय के लिए हमेशा रहेंगी याद

वत्सला राजगोपाल का सफर इस बात की मिसाल है कि प्रतिभा और अभिनय के प्रति लगाव के लिए उम्र कोई बाधा नहीं होती। उन्होंने जीवन के बाद के वर्षों में फिल्मी दुनिया में कदम रखा और सैकड़ों फिल्मों तथा कई टीवी धारावाहिकों में काम करके अपनी पहचान बनाई।

उनके निधन से तमिल सिनेमा ने एक अनुभवी कलाकार को खो दिया है। पर्दे पर निभाए गए उनके किरदार लंबे समय तक दर्शकों की यादों में बने रहेंगे।