स्टार्टअप डे : 'गुरु' से 'बैंड बाजा बारात' तक, इन फिल्मों में दिखती है सपने, जोखिम और सफलता की कहानी
नई दिल्ली, 16 जनवरी (आईएएनएस)। सपने देखना महज आंख बंद करना नहीं होता बल्कि उसे देखने के बाद खून-पसीने के साथ सुख-चैन को भी एक किनारे करना पड़ता है। आज नेशनल स्टार्टअप डे है। इस दिन का मकसद भारत में उद्यमिता की भावना को बढ़ावा देना और नए-नए आइडियाज से दुनिया बदलने वाले युवाओं को सम्मान देना है। स्टार्टअप सिर्फ बिजनेस नहीं, बल्कि सपने, इनोवेशन, जोखिम और ग्रोथ की कहानी है और यही स्टोरी कुछ चुनिंदा फिल्मों में भी दिखती है।
सिनेमा जगत ने भी स्टार्टअप की दुनिया को कई बार स्क्रीन पर उतारा है, जहां किरदार छोटे से काम को शुरू करके बड़े बनते हैं, असफलताओं से सीखते हैं और कभी हार नहीं मानते। स्टार्टअप की असली झलक दिखाती फिल्मों की लिस्ट में 'गुरु', 'बैंड बाजा बारात' समेत कई फिल्में शामिल हैं। ये फिल्में सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि स्टार्टअपर्स के लिए एक सीख की तरह है।
'गुरु' साल 2007 में रिलीज हुई मणिरत्नम की फिल्म है, जिसमें अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय मुख्य भूमिकाओं में हैं। इसमें अभिषेक के किरदार गुरुकांत देसाई की कहानी है। एक छोटे गांव से आकर मुंबई में बड़ा बिजनेस एम्पायर खड़ा करने का सफर दिखाया गया है। फिल्म में सपनों की ताकत, जोखिम लेना और चुनौतियों से लड़ना बखूबी दिखता है। यह दिग्गज उद्योगपति धीरूभाई अंबानी से प्रेरित मानी जाती है। हालांकि, निर्देशक ने इस बात को मानने से इंंकार किया था।
रणबीर कपूर की फिल्म 'रॉकेट सिंह: सेल्समैन ऑफ द ईयर' साल 2009 में रिलीज हुई थी। रणबीर कपूर की यह फिल्म एक साधारण सेल्समैन की कहानी कहती है, जो नौकरी के साथ-साथ अपनी कंपनी शुरू करता है। ईमानदारी, क्रिएटिविटी और नैतिकता बनाम प्रॉफिट की जंग फिल्म में दिखती है। शिमित अमीन निर्देशित फिल्म में स्टार्टअप में रिसोर्सेस का सही इस्तेमाल और साइड हसल कैसे बड़ा बिजनेस बन जाता है, इसका बेहतरीन उदाहरण है यह फिल्म। रणबीर के साथ फिल्म में गौहर खान, प्रेम चोपड़ा जैसे सितारे अहम भूमिकाओं में हैं।
रणवीर सिंह और अनुष्का शर्मा की डेब्यू फिल्म 'बैंड बाजा बारात' साल 2010 में रिलीज हुई थी, जिसमें दोनों वेडिंग प्लानिंग का बिजनेस शुरू करते हैं। पार्टनरशिप, टीमवर्क, मार्केटिंग और ग्रासरूट लेवल पर बिजनेस ग्रो करने की बेहतरीन कहानी है। मनीष शर्मा की इस फिल्म की कहानी बताती है कि बिना बड़े फंडिंग के भी मेहनत और आइडिया से सफलता मिल सकती है।
परमीत सेठी की फिल्म 'बदमाश कंपनी' साल 2010 में रिलीज हुई थी। शाहिद कपूर, अनुष्का शर्मा की यह फिल्म चार दोस्तों की कहानी को पर्दे पर उतारती है, जो कॉलेज के बाद शॉर्टकट तरीके से पैसा कमाने का बिजनेस शुरू करते हैं। ग्रे एरिया में बिजनेस, रिस्क और फेल होने की सच्चाई दिखाती है। फिल्म स्टार्टअप में गलत रास्ते चुनने के खतरे को भी हाइलाइट करती है। 'बदमाश कंपनी' में शाहिद कपूर, अनुष्का शर्मा के साथ वीर दास, मेइयनग चंग और अनुपम खेर जैसे सितारे अहम भूमिकाओं में हैं।
'सुई धागा' साल 2018 में रिलीज हुई थी, जो छोटे स्तर पर बिजनेस शुरू करने की प्रेरणा देती है, जहां मेहनत और इनोवेशन से गांव स्तर पर सफलता मिलती है। शरत कटारिया के निर्देशन में बनी फिल्म का निर्माण आदित्य चोपड़ा ने किया है, जिसमें वरुण धवन और अनुष्का शर्मा एक छोटे शहर के जोड़े के रूप में हैं जो अपना कपड़ों का व्यवसाय शुरू करते हैं। इस दौरान उनके जीवन में कई चुनौतियां, दुख, हताशा आती है, लेकिन वे इससे निकलकर सफल होते हैं।
--आईएएनएस
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