×

26 जनवरी 1967 को हुई शुरुआत, आज भी हो रहा टेलीकास्ट! जानिए दूरदर्शन के उस लेजेंडरी शो के बारे में जिसने रचा इतिहास

 

आज के दौर में OTT प्लेटफॉर्म और टीवी चैनलों पर हर दिन नई फिल्में और वेब सीरीज देखने को मिल जाती हैं. लेकिन एक समय था जब दूरदर्शन ही देश के ज्यादातर घरों में मनोरंजन और जानकारी का सबसे बड़ा माध्यम हुआ करता था. ‘रामायण’, ‘महाभारत’ और ‘चित्रहार’ जैसे कार्यक्रमों ने दर्शकों के बीच खूब लोकप्रियता हासिल की. हालांकि, इनसे भी पहले दूरदर्शन पर एक ऐसा कार्यक्रम शुरू हो चुका था, जो आज भी प्रसारित हो रहा है. इसका नाम है ‘कृषि दर्शन’.

करीब छह दशक पुराने इस कार्यक्रम के अब तक 16 हजार से ज्यादा एपिसोड प्रसारित हो चुके हैं. खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी देने वाला यह कार्यक्रम भारतीय टेलीविजन के सबसे लंबे समय तक चलने वाले कार्यक्रमों में गिना जाता है.

1967 में हुई थी ‘कृषि दर्शन’ की शुरुआत

‘कृषि दर्शन’ का पहला प्रसारण 26 जनवरी 1967 को दूरदर्शन पर हुआ था. इसका मुख्य उद्देश्य किसानों तक खेती से जुड़ी उपयोगी और जरूरी जानकारी पहुंचाना था. शुरुआत में कार्यक्रम को दिल्ली और उसके आसपास के करीब 80 गांवों के किसानों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था.

इसमें किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, फसल प्रबंधन, खेती के बेहतर तरीकों और सरकार की कृषि योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाती थी. धीरे-धीरे कार्यक्रम की पहुंच बढ़ती गई और यह देश के अलग-अलग हिस्सों के किसानों के बीच लोकप्रिय हो गया.

62 सीजन और 16 हजार से ज्यादा एपिसोड

‘कृषि दर्शन’ ने दशकों तक दूरदर्शन के साथ अपनी पहचान बनाए रखी. करीब पांच दशक तक इसका प्रसारण दूरदर्शन के मुख्य चैनल से किया गया. इसके बाद साल 2015 में ‘डीडी किसान’ चैनल की शुरुआत हुई और कार्यक्रम को वहां स्थानांतरित कर दिया गया.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘कृषि दर्शन’ के अब तक 62 सीजन पूरे हो चुके हैं और इसके 16 हजार से ज्यादा एपिसोड प्रसारित किए जा चुके हैं. इतने लंबे समय तक लगातार प्रसारित होने के कारण इस कार्यक्रम ने भारतीय टेलीविजन के इतिहास में एक खास जगह बनाई है.

लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है नाम

‘कृषि दर्शन’ की लंबी यात्रा की एक बड़ी उपलब्धि इसका लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज होना भी है. लगातार लंबे समय तक प्रसारित होने वाले कार्यक्रम के तौर पर इसने अलग पहचान बनाई है.

समय के साथ कार्यक्रम का फॉर्मेट और इसमें शामिल विषय जरूर बदले, लेकिन इसका मूल उद्देश्य आज भी बरकरार है. किसानों को खेती की नई तकनीकों, वैज्ञानिक सलाह, कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी देना इसका मुख्य मकसद है.

OTT के दौर में भी कायम है पहचान

आज जब मनोरंजन के लिए OTT प्लेटफॉर्म और डिजिटल कंटेंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे समय में ‘कृषि दर्शन’ का लगातार प्रसारित होना अपने आप में खास है. यह सिर्फ एक टीवी कार्यक्रम नहीं, बल्कि दशकों से किसानों तक जरूरी जानकारी पहुंचाने का माध्यम रहा है.

यही वजह है कि ‘कृषि दर्शन’ भारतीय टेलीविजन के इतिहास में सिर्फ सबसे पुराने कार्यक्रमों में शामिल नहीं है, बल्कि यह उन चुनिंदा कार्यक्रमों में से एक है, जिसने मनोरंजन से आगे बढ़कर समाज की जरूरतों को पूरा करने का काम किया है.