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सिंगर-कंपोजर राघव सच्चर ने बचपन में ही शुरू कर दी थी संगीत की ट्रेनिंग, 50 से अधिक इंस्ट्रुमेंट्स बजाने में माहिर

 

नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय संगीत जगत के प्रसिद्ध सिंगर और कंपोजर राघव सच्चर शुक्रवार को 45वां जन्मदिन मनाएंगे। उनका जन्म कोलकाता में 24 जुलाई वर्ष 1981 में हुआ था। उन्होंने हिंदी सिनेमा ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय संगीत क्षेत्र में भी अलग पहचान बनाई है। बचपन से ही उन्हें संगीत का शौक था।

राघव सच्चर ने 15 वर्ष की उम्र में जामनगर (गुजरात) में संगीत की ट्रेनिंग शुरू कर दी थी। उनके पिता आर.के. सच्चर और माता उषा सच्चर ने हमेशा उनका साथ दिया। राघव ने वर्ष 1994 में दिल्ली के पेप्सी कॉर्नुकोपिया कांटेस्ट में बेस्ट ड्रमर का अवॉर्ड जीता और बिट्स पिलानी फेस्टिवल में बेस्ट कीबोर्ड प्लेयर चुने गए। उन्होंने मॉनाश यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ म्यूजिक की डिग्री भी हासिल की।

वर्ष 2003 में एचएमवी रिकॉर्ड्स के तहत रिलीज अपने डेब्यू एल्बम 'राघव फॉर द फर्स्ट टाइम' के साथ उन्होंने मेनस्ट्रीम में एंट्री की थी। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। राघव आज 50 से अधिक इंस्ट्रुमेंट्स बजाने में माहिर हैं, जिसमें गिटार, पियानो, ड्रम, सैक्सोफोन, वायलिन आदि शामिल हैं। वे भारत के पहले मल्टी-इंस्ट्रुमेंटल पॉप स्टार के रूप में जाने जाते हैं।

बॉलीवुड में राघव ने अंधाधुंध, रुस्तम और अलोन जैसी फिल्मों के लिए बैकग्राउंड स्कोर और गाने दिए। उनकी आवाज की मिठास और फ्यूजन स्टाइल ने उन्हें युवा पीढ़ी का पसंदीदा बनाया। उन्होंने पॉप, रॉक, सूफी और इंडी म्यूजिक को मिलाकर एक यूनिक स्टाइल तैयार किया। 'ए-ग्रेड आर्टिस्ट' होने के साथ-साथ वे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन के नियमित कलाकार भी रहे हैं।

राघव का निजी जीवन भी संगीत में पूरी तरह से रमा हुआ है। वर्ष 2014 में उन्होंने अभिनेत्री अमिता पाठक से शादी की। दंपति संगीत के क्षेत्र में एक-दूसरे के सहयोगी भी हैं। राघव न सिर्फ परफॉर्मर हैं बल्कि म्यूजिक प्रोड्यूसर, टीचर और एंटरप्रेन्योर भी हैं। उन्होंने कई युवा संगीतकारों को ट्रेनिंग दी और अपना म्यूजिक स्टूडियो भी स्थापित किया।

--आईएएनएस

एसडी/पीएम