Shammi Kapoor Birth Anniversary: 18 फ्लॉप फिल्मों के बाद चमकी किस्मत, दो शादियों और अनोखी प्रेम कहानी के लिए भी रहे मशहूर
हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता शम्मी कपूर की जयंती पर उनकी फिल्मों और निजी जिंदगी की यादें एक बार फिर चर्चा में हैं। अपनी शानदार अदाकारी, अलग अंदाज और जोशीले डांस से उन्होंने बॉलीवुड में खास पहचान बनाई थी। शम्मी कपूर ने पर्दे पर कई यादगार किरदार निभाए, लेकिन उनकी जिंदगी में संघर्ष, प्यार और रिश्तों की कहानियां भी कम दिलचस्प नहीं थीं। उन्होंने दो शादियां की थीं और उनकी पहली पत्नी गीता बाली के साथ प्रेम कहानी आज भी याद की जाती है।
'एल्विस प्रेस्ली ऑफ इंडिया' के नाम से हुए मशहूर
शम्मी कपूर का जन्म 21 अक्टूबर 1931 को मुंबई में हुआ था। उनका असली नाम शमशेर राज कपूर था। वह हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता पृथ्वीराज कपूर के बेटे और अभिनेता राज कपूर के छोटे भाई थे।
शम्मी कपूर ने अपनी खास स्टाइल, ऊर्जा से भरपूर अभिनय और डांस के दम पर दर्शकों के दिलों में जगह बनाई। उनके अंदाज की तुलना मशहूर अमेरिकी गायक एल्विस प्रेस्ली से भी की जाती थी। इसी वजह से उन्हें 'एल्विस प्रेस्ली ऑफ इंडिया' और 'रिबेल स्टार' जैसे नामों से पहचाना गया।
लगातार 18 फिल्मों के बाद मिली बड़ी सफलता
शम्मी कपूर ने अभिनय की दुनिया में कदम रखने से पहले पृथ्वी थिएटर में जूनियर कलाकार के रूप में काम किया था। इसके बाद उन्होंने 1953 में फिल्म 'जीवन ज्योति' से बतौर मुख्य अभिनेता अपने करियर की शुरुआत की।
हालांकि, शुरुआती दौर उनके लिए आसान नहीं रहा। उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकीं। इसके बाद 1957 में आई फिल्म 'तुमसा नहीं देखा' ने उनके करियर को नई दिशा दी और उन्हें बड़ी पहचान मिली।
इसके बाद शम्मी कपूर ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 'जंगली', 'कश्मीर की कली', 'तीसरी मंजिल', 'एन इवनिंग इन पेरिस', 'सच्चाई', 'कॉलेज गर्ल' और 'ब्रह्मचारी' जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया। फिल्म 'ब्रह्मचारी' के लिए उन्हें फिल्मफेयर का सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार भी मिला।
शम्मी कपूर ने अपने करियर के बाद के दौर में भी फिल्मों में काम जारी रखा। वह 2011 में रिलीज हुई फिल्म 'रॉकस्टार' में नजर आए थे, जिसे उनके फिल्मी सफर की आखिरी फिल्मों में गिना जाता है।
गीता बाली से मंदिर में की थी शादी
शम्मी कपूर की निजी जिंदगी में अभिनेत्री गीता बाली का खास स्थान था। दोनों ने 1955 में शादी की थी। उनकी शादी की कहानी बॉलीवुड की चर्चित प्रेम कहानियों में शामिल है।
कहा जाता है कि शादी के दौरान मांग भरने के लिए सिंदूर उपलब्ध नहीं था, तो शम्मी कपूर ने लिपस्टिक से गीता बाली की मांग भर दी थी। इस किस्से को आज भी दोनों की प्रेम कहानी से जोड़कर सुनाया जाता है।
शादी के बाद दोनों ने परिवार बसाया और उनके दो बच्चे हुए। हालांकि, उनकी खुशहाल जिंदगी को बड़ा झटका तब लगा, जब 1965 में गीता बाली का निधन हो गया। उनके निधन के बाद शम्मी कपूर की जिंदगी में एक लंबा खालीपन आ गया।
चार साल बाद नीला देवी से की दूसरी शादी
गीता बाली के निधन के करीब चार साल बाद शम्मी कपूर ने 1969 में नीला देवी गोहिल से दूसरी शादी की। नीला देवी का संबंध गुजरात के राजघराने से बताया जाता है। शम्मी कपूर ने अपने परिवार के साथ जीवन को आगे बढ़ाया और फिल्मों में भी सक्रिय रहे।
79 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा
शम्मी कपूर का निधन 11 अगस्त 2011 को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुआ था। वह 79 वर्ष के थे और लंबे समय से किडनी संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे।
अपने शानदार अभिनय, अनोखे डांस स्टाइल और यादगार फिल्मों के कारण शम्मी कपूर आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय सितारों में गिने जाते हैं। उनकी फिल्में और उनकी जिंदगी से जुड़े किस्से उन्हें नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच भी यादगार बनाए हुए हैं।