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राजकीय सम्मान के साथ हुआ आशा का अंतिम संस्कार, शबाना आजमी ने प्रशासन के इंतजामों को सराहा

 

मुंबई, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। मशहूर गायिका आशा भोसले इस दुनिया को अलविदा कह चुकी हैं। सोमवार को उनके पार्थिव शरीर को शिवाजी पार्क में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।

मुंबई के शिवाजी पार्क में उनके अंतिम संस्कार का कार्यक्रम रखा गया था। यह पूरा कार्यक्रम राज्य सरकार के राजकीय सम्मान के साथ हुआ। मंबई पुलिस, बीएमसी, ट्रैफिक पुलिस और महाराष्ट्र सरकार के सभी विभागों ने मिलकर बेहतरीन व्यवस्था की थी। अभिनेत्री शबाना आजमी ने इस सम्मानजनक अंतिम यात्रा के लिए विभाग की जमकर तारीफ की।

अभिनेत्री ने अपने इंस्टाग्राम पर एक नोट शेयर किया। इसमें उन्होंने लिखा, "राज्य सरकार को सराहना मिलनी चाहिए। उन्होंने आशा की अंतिम यात्रा को पूरी गरिमा और सम्मान के साथ आयोजित किया। बीएमसी, मुंबई पुलिस, ट्रैफिक कंट्रोल और महाराष्ट्र सरकार के सभी विभागों ने मिलकर इस काम को बहुत अच्छे तरीके से संभाला। एक बड़ी प्रतिभा वाली कलाकार को ऐसी ही सम्मानजनक विदाई मिलनी चाहिए। आशा हमेशा अमर रहें।"

वहीं, अभिनेत्री करिश्मा कपूर ने भी इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए गायिका के प्रति अपनी दीवानगी व्यक्त की। सोमवार को अभिनेत्री करिश्मा कपूर ने दिग्गज गायिका को याद करते हुए सोशल मीडिया पर एक खास पोस्ट किया। इस पोस्ट में उन्होंने अपनी तस्वीर पोस्ट की और उसके साथ आशा भोसले का प्रसिद्ध गाना 'इन आंखों की मस्ती' का एक लोकप्रिय अंश, 'इक तुम ही नहीं तन्हा... उल्फत में मेरी रुसवा...' जोड़ा।

अभिनेत्री ने पोस्ट में बताया कि आशा भोसले द्वारा गाए हुए गाने सदैव उनके प्रिय रहे हैं और इस गाने को सुनते हुए वे बड़ी हुई हैं। अभिनेत्री ने लिखा, "यह आशा के मेरे पसंदीदा गानों में से एक है। मैं इस गाने को सुनते-सुनते बड़ी हुई हूं।"

1981 में रिलीज हुई फिल्म 'उमराव जान' का यह गाना भी उनकी बेहतरीन पेशकशों में से एक है। इस गजलनुमा गीत को आशा भोसले ने अपनी मखमली आवाज दी है, जिसके लिए उन्हें काफी सराहना मिली थी। संगीतकार खय्याम ने इसे शास्त्रीय और सुरीले अंदाज में सजाया था, जिसे आज भी लोग प्यार से सुनते हैं।

रेखा पर फिल्माया गया यह गजल-नुमा गाना अपनी नफासत, गायकी और अभिनय के लिए प्रसिद्ध है, जो आज भी बेहद लोकप्रिय है।

--आईएएनएस

एनएस/डीकेपी