Nora Fatehi: ₹200 करोड़ की ठगी मामले में 2 नवंबर को कोर्ट में होंगी पेश, सुकेश चंद्रशेखर केस में गवाही के लिए समन
बॉलीवुड अभिनेत्री नोरा फतेही को कथित तौर पर 200 करोड़ रुपये की ठगी और जबरन वसूली से जुड़े मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गवाह के रूप में तलब किया है। अदालत ने उन्हें 2 नवंबर को पेश होकर अपना बयान दर्ज कराने के लिए समन जारी किया है। यह मामला कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है, जिस पर एक कारोबारी की पत्नी से करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप है।
अदालत ने नोरा फतेही को मामले की तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में गवाह नंबर तीन के रूप में सूचीबद्ध किया है। उन्हें अभियोजन पक्ष की ओर से गवाही देने के लिए बुलाया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि गवाह के रूप में समन जारी होने का मतलब यह नहीं है कि नोरा फतेही इस मामले में आरोपी हैं।
जैकलीन फर्नांडीज का नाम भी आया था सामने
सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े इस चर्चित मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज का नाम भी सामने आया था। जांच एजेंसियों ने मामले की पड़ताल के दौरान जैकलीन फर्नांडीज, नोरा फतेही और अन्य लोगों के बयान दर्ज किए थे।
अब अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य पेश किए जा रहे हैं। ऐसे में नोरा फतेही की गवाही मामले की जांच से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
सरकारी अधिकारी बनकर महिला से ठगी का आरोप
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस मामले में सुकेश चंद्रशेखर और उसके सहयोगियों पर फोर्टिस हेल्थकेयर के प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह को निशाना बनाने का आरोप है।
आरोप है कि सुकेश ने खुद को केंद्र सरकार का वरिष्ठ अधिकारी बताकर अदिति सिंह से संपर्क किया था। उसने कथित तौर पर उनके जेल में बंद पति को जमानत दिलाने का भरोसा दिया और इसी बहाने उनसे बड़ी रकम ट्रांसफर कराई।
पुलिस के अनुसार, उस समय सुकेश रोहिणी जेल में बंद था। आरोप है कि उसने फर्जी फोन कॉल और सरकारी अधिकारी होने का झांसा देकर पीड़िता का विश्वास हासिल किया। जांच एजेंसियों ने कथित ठगी में शामिल लोगों और पैसे के लेनदेन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की है।
सुकेश चंद्रशेखर और अन्य आरोपियों पर गंभीर धाराएं
इस मामले में सुकेश चंद्रशेखर, उसकी पत्नी लीना पॉलोस और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं। इनमें धारा 170, 384 और 386 शामिल हैं, जो सरकारी अधिकारी का प्रतिरूपण करने और जबरन वसूली जैसे अपराधों से संबंधित हैं।
इसके अलावा, आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA), 1999 के प्रावधान भी लगाए गए हैं। यह कानून संगठित अपराध से जुड़े मामलों में कार्रवाई के लिए विशेष प्रावधान करता है।
फिलहाल, इस मामले में अदालत की कार्यवाही जारी है। नोरा फतेही को अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में अपना बयान दर्ज कराना है। उनकी पेशी के बाद मामले से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों पर आगे की सुनवाई होगी।