Ramayana: The Legend Of Prince Rama Review: एनीमेशन, कला और संगीत का बेमिसाल कॉम्बो है फिल्म, देखने से पहले यहां पढ़िए रिव्यु
मनोरंजन न्यूज़ डेस्क - 'रामायण: द लीजेंड ऑफ प्रिंस राम' 1993 में बनी एक एनिमेटेड फिल्म है, जो अब तक सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हुई थी। यह फिल्म भारतीय महाकाव्य 'रामायण' की कहानी को एक नए और आकर्षक एनिमेशन फॉर्मेट में पेश करती है। यह न केवल बच्चों के लिए बल्कि वयस्क दर्शकों के लिए भी एक बेहतरीन अनुभव हो सकता है। फिल्म में श्री राम के जीवन की प्रमुख घटनाओं को संक्षेप में दिखाया गया है। फिल्म में एक्शन, रोमांच और भावनाओं का अच्छा मिश्रण देखने को मिलता है।
कला, एनिमेशन और निर्देशन
इस फिल्म का एनिमेशन तकनीकी रूप से बेहतरीन है। रामायण के भव्य दृश्यों को आकर्षक और जीवंत तरीके से पेश किया गया है। फिल्म के निर्देशन में युगो साको, राम मोहन और कोइची सासाकी ने रामायण की महाकाव्य कहानी को श्रद्धा और सम्मान के साथ चित्रित किया है।
इसके हर पहलू में भारतीय संस्कृति और परंपराओं का ध्यान रखा गया है। फिल्म के पहले भाग में आधी कहानी को समेटने की कोशिश की गई है, जो चलती हुई लगती है, जबकि फिल्म के दूसरे भाग में ऐसा लगता है जैसे युद्ध को खींचा गया है, जो एक समय पर थोड़ा उबाऊ लगता है।
संगीत और ध्वनि प्रभाव
फिल्म का संगीत दर्शकों को रामायण की भव्यता और दिव्यता का अनुभव कराता है। ध्वनि प्रभाव और बैकग्राउंड स्कोर फिल्म के मूड को पूरी तरह से सपोर्ट करते हैं। खासकर युद्ध के दृश्य और भगवान राम के संघर्ष को संगीत के जरिए और भी प्रभावी ढंग से पेश किया गया है।