Hisaab Barabar Review: टीटी बनकर R Madhvan ने किया बैंक घोटाले का पर्दाफाश, रिव्यु में जानिए सबकों क्यों देखनी चाहिए ये फिल्म ?
मनोरंजन न्यूज़ डेस्क - आज के समय में मेकर्स एक्शन और सस्पेंस बेस्ड फिल्में ज्यादा बना रहे हैं। ऐसे में महत्वपूर्ण विषयों पर बनने वाली फिल्मों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। इसी बीच एक्टर आर माधवन की फिल्म हिसाब बराबर ओटीटी पर रिलीज हो गई है। यह फिल्म एक आम आदमी से जुड़े एक अहम विषय को उठाने का काम करती है। जी हां, फिल्म की कहानी बैंक अकाउंट से जुड़ी है और हम सभी इस पर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं। बाजार में पैसे बचाने के लिए हम दुकानदार से कई मिनट बहस करते हैं, लेकिन अपने बैंक अकाउंट से जुड़ी जानकारी को गंभीरता से नहीं लेते हैं। तो चलिए जानते हैं जी5 पर रिलीज हुई आर माधवन स्टारर फिल्म की कहानी।
फिल्म की कहानी
फिल्म की कहानी रेलवे टिकट चेकर राधे मोहन (आर माधवन) की है, जो हिसाब-किताब में काफी माहिर है। वह 1 रुपये और 50 पैसे के बीच का अंतर बहुत अच्छे से समझता है। अपनी जवानी में उसने एक लड़की से शादी करने से मना कर दिया क्योंकि उसे हिसाब-किताब ठीक से नहीं आता था। फिल्म में उसकी नौकरी से लेकर उसकी जिंदगी की तमाम चुनौतियों को दिखाया गया है। कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब राधे मोहन को एक बैंक घोटाले के बारे में पता चलता है। खास बात यह है कि इतनी छोटी रकम के घोटाले पर कोई ध्यान नहीं देता। एक दिन वह अपने बैंक अकाउंट की पासबुक चेक करता है और पाता है कि उसके अकाउंट से 27.50 रुपए कट गए हैं। इसके तुरंत बाद वह बैंक में जाकर शिकायत करता है।
पहले तो बैंक वाले उसकी बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं देते और टालने की कोशिश करते हैं, लेकिन बाद में जब काफी हंगामा होता है तो वे उसके पैसे लौटा देते हैं और उसे एक महंगा तोहफा भी देते हैं। इस मामले को गंभीरता से समझने के बाद उसे बैंक घोटाले के बारे में पता चलता है, जो वे लाखों ग्राहकों के अकाउंट से थोड़ी-थोड़ी रकम में वसूलते हैं। जब राधे इसके खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश करता है तो पूरा सिस्टम उसके खिलाफ हो जाता है और हर संभव तरीके से उसकी आवाज को दबाने की कोशिश करता है। इस कहानी का पर्दे पर चित्रण आपको आकर्षित कर सकता है।
कैसी है एक्टिंग?
आर माधवन ने अपनी शानदार एक्टिंग से फिल्म को मजबूती दी है। उन्होंने एक सभ्य इंसान का किरदार बखूबी निभाया है, जो माचो हीरो नहीं है और गुंडों की पिटाई करता हुआ नजर नहीं आता। यह एक आम आदमी का किरदार है और इसीलिए आपको यह पसंद आ सकता है। इसके अलावा नील नितिन मुकेश निगेटिव रोल में नजर आए हैं और उनके टैलेंट की झलक देखने को मिली है। कीर्ति कुल्हारी का काम भी तारीफ के काबिल है। उनका किरदार भी आपको चौंका सकता है। रश्मि देसाई का किरदार उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है। एक पॉपुलर टीवी एक्ट्रेस को थोड़ा सोच समझकर किरदार चुनना चाहिए। फिल्म में उनके किरदार को कॉमिक टच देने की कोशिश की गई है, लेकिन वह ऐसा करने में सफल नहीं होती हैं।
डायरेक्शन कैसा है?
हिसाब बराबर का निर्देशन अश्विन धीर ने किया है। आपको बता दें कि उन्होंने रितेश शास्त्री के साथ मिलकर फिल्म लिखी भी है। कहानी चुनने के लिए उनकी तारीफ जरूर की जानी चाहिए। स्क्रीनप्ले थोड़ा और बेहतर बनाया जा सकता था।
क्यों देखें फिल्म?
आर माधवन स्टारर हिसाब बराबर देखी जा सकती है। वीकेंड पर मनोरंजन के लिए फिल्म देखना एक अच्छा फैसला साबित होगा। फिल्म की कहानी एक अहम विषय को दर्शाती है। कुल मिलाकर यह फिल्म जरूर देखने लायक है। इसे आप ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर देख सकते हैं।