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Choona Review: शुक्ला जी पर सीधी हुई ग्रहों की नज़र, यहाँ पढ़िए Jimmy Shergill स्टारर Choona का पूरा रिव्यु 

 

मनोरंजन न्यूज़ डेस्क - चूना तो कमाल की चीज़ है, दिखाई भी नहीं देता... और लग भी जाता है। चुना यानी धोखे की सबसे बड़ी खासियत बताने वाली ये लाइन नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज 'चूना' की है, जो आज यानी 29 सितंबर को स्ट्रीम हो गई है। पॉलिटिकल ड्रामा, एक्शन और फुल सस्पेंस से भरपूर इस सीरीज को पुष्पेंद्र नाथ मिश्रा ने लिखा और निर्देशित किया है. 'चूना' में जिमी शेरगिल के साथ आशिम गुलाटी, चंदन रॉय, नमिता दास, विक्रम कोचर, निहारिक दत्त जैसे बेहतरीन कलाकार नजर आ रहे हैं। आइए जानते हैं इसकी कहानी...


कहानी
शुक्ला जी (जिमी शेरगिल) यूपी के खूंखार नेता हैं, जिनकी नजरें पूरी तरह से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर टिकी हैं. वह भाग्य के सितारों पर बहुत विश्वास करता है और शकुन-अपशकुन देखकर ही अपने बड़े फैसले लेता है। राजनीति में शुक्ला जी का प्रभाव इतना मजबूत है कि कोई भी नेता, चाहे वह किसी भी पार्टी का हो, उनके समर्थन के बिना कुर्सी पर नहीं बैठ सकता। नेतृत्व की तलाश में शुक्ला जी कुछ लोगों को अपना दुश्मन बना लेते हैं लेकिन कभी नहीं सोचते कि वह उनसे बदला लेने के बारे में भी सोचेंगे।


वे यह नहीं सोचते कि कोई व्यक्ति कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, कमजोर लोग गिरोह बनाकर उसे ठोकर मार देंगे। ऐसे ही कुछ लोग शुक्ला जी के करोड़ों रुपये उड़ाने की योजना बनाते हैं, जिनमें एक पंडित, एक मुखबिर, एक स्थानीय गुंडा, एक ठेकेदार और एक पुलिसकर्मी शामिल हैं। क्या ये सभी मिलकर शुक्ला जी को 800 करोड़ रुपये का चूना लगाने में सफल होंगे? या फिर शुक्ला उनकी सारी योजना पर पानी फेर देगा? ये जानने के लिए आपको सीरीज देखनी होगी।


अभिनय
'मोहब्बतें', 'दिल है तुम्हारा', 'मेरे यार की शादी है' जैसी फिल्मों में अपने दिलकश लुक और खास अंदाज से दर्शकों का दिल जीतने वाले जिमी शेरगिल इस सीरीज में एक नए अवतार में नजर आ रहे हैं। उन्होंने राजनीतिक नेता शुक्ला जी के किरदार को जिया है. उनके एक्सप्रेशन और डायलॉग डिलीवरी जबरदस्त थी. वहीं आशिम गुलाटी ने भी बेहतरीन काम किया है. उनकी स्क्रीन प्रजेंस आपको काफी प्रभावित करेगी. वहीं नमिता दास, चंदन रॉय और मोनिका पवार ने भी अपने किरदारों के साथ पूरा न्याय किया है।


डायरेक्शन 
इस सीरीज को पुष्पेंद्र नाथ मिश्रा ने लिखा और निर्देशित भी किया है. ऐसे में उन्हें यह अच्छे से पता होता है कि उन्होंने किस परिदृश्य के अनुसार कौन सा सीन लिखा है. वह बिल्कुल वैसा ही दिखाने में भी पूरी तरह सफल रहे हैं. उन्होंने सभी एक्टर्स के साथ बहुत अच्छा काम किया है. निर्देशक ने कॉमेडी, पॉलिटिक्स, सस्पेंस और चोरी की कहानी को समयबद्ध तरीके से दिखाया है और कहीं भी ऐसा नहीं लगता कि कोई सीन खिंच रहा है। स्क्रीनप्ले और बैकग्राउंड म्यूजिक भी जबरदस्त है।