'मेरी उम्र के नौजवानों' ने बदला गौरव गेरा का नजरिया, अभिनेता ने सुलझाई 'इत्तेफाक' की गुत्थी
मुंबई, 9 मई (आईएएनएस)। अभिनेता गौरव गेरा फिल्म 'धुरंधर' और 'धुरंधर : दे रिवेंज' रिलीज होने के बाद सुर्खियों में बने हुए हैं। शनिवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने करियर के सफर का एक ऐसा पैटर्न शेयर किया, जिसने उन्हें हैरत में डाल दिया।
गौरव ने इसे तर्क और भावनाओं का एक अनोखा मेल बताते हुए इंस्टाग्राम पर तीन वीडियो क्लिप पोस्ट कीं, जिनमें उन्होंने बताया कि कैसे 'कर्ज' फिल्म का मशहूर गाना 'मेरी उम्र के नौजवानों' उनके करियर के हर बड़े पड़ाव पर किसी न किसी रूप में मौजूद रहा है।
पहले वीडियो में के 'ओडी' के मशहूर शो 'झुमरू' के रिहर्सल का है। इस शुरुआती दौर में भी वह इसी गाने पर परफॉर्म कर रहे थे। दूसरा वीडियो साल 2013 (मिसेज पम्मी प्यारेलाल) का है और तीसरा साल 2025 (धुरंधर) का है, जिसमें अभिनेता आलम भाई के किरदार में हैं। इन तीनों गाने में गाना 'मेरी उम्र के नौजवानों' बज रहा है।
अभिनेता ने क्लिप शेयर कर लिखा, "दिलचस्प बात यह है कि इस इत्तेफाक को समझने के लिए, मैंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लिया। तर्क के हिसाब से देखा जाए, तो हमारा दिमाग उन चीजों में पैटर्न ढूंढ लेता है, जिनसे हम गहराई से जुड़े होते हैं। 'ओम शांति ओम' और 'मेरी उम्र के नौजवानों' जैसे गाने पहचान, अभिनय और पुनर्जन्म की बात करते हैं, जो एक कलाकार के जीवन का अहम हिस्सा हैं। अब नौजवान खुद 50 साल का हो गया है।"
अभिनेता ने इसे सिर्फ एक साधारण इत्तेफाक मानने से इनकार किया है। उनके अनुसार, यह गाना उनके लिए एक प्रतीक बन चुका है, जो बार-बार खुद को दोहराकर उनकी रचनात्मक यात्रा को दर्शा रहा है।
गौरव ने अपने प्रशंसकों से सवाल पूछते हुए लिखा कि क्या यह सिर्फ एक संयोग है या कुछ खास? उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि कलाकारों की जिंदगी में अक्सर जिंदगी खुद एक फिल्म की तरह काम करती है, जहाँ कुछ खास प्रतीक और यादें बार-बार सामने आती रहती हैं।
अंत में गौरव ने अपने प्रशंसकों से भी पूछा, "क्या आपने भी अपनी जिंदगी में कभी ऐसा कोई पैटर्न महसूस किया है?"
--आईएएनएस
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