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मेरे सपनों का बोझ सिर्फ मेरा है, संघर्ष के दिनों को याद कर सिद्धांत चतुर्वेदी ने किया इमोशनल पोस्ट

 

मुंबई, 31 जनवरी (आईएएनएस)। अभिनेता सिद्धांत चतुर्वेदी जल्द ही अभिनेत्री मृणाल ठाकुर के साथ रोमांटिक ड्रामा फिल्म 'दो दीवाने सहर में' में नजर आएंगे। यह रोमांटिक ड्रामा दर्शकों को एक अलग तरह का प्यार का एहसास देने वाली है, जहां इश्क में परफेक्शन नहीं, बल्कि ईमानदारी और एहसास महत्वपूर्ण है।

रवि उद्यावर द्वारा निर्देशित फिल्म 'दो दीवाने सहर में' को संजय लीला भंसाली प्रोड्यूस कर रहे हैं। इसमें प्रेरणा सिंह, उमेश कुमार बंसल और भरत कुमार भी हैं। यह प्रोजेक्ट सिद्धांत के करियर के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसे संजय लीला भंसाली के बैनर तले रिलीज किया जाएगा।

शनिवार को अभिनेता ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर की। इसमें उन्होंने अपने संघर्ष भरे सफर के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि यहां तक पहुंचना आसान नहीं था, लेकिन मेहनत और भगवान की दुआ पर आ गया। उन्होंने लिखा, "2008, स्कूल विदाई। कभी सोचा भी नहीं था कि 18 साल बाद ज़िंदगी में क्या होगा और मैं आज भी उसी राह पर हूं एक ऐसे सपने को पूरा करने के लिए मुझे थोड़ा आत्मविश्वास मिला जिसके बारे में मैं बात करने की हिम्मत भी नहीं कर पाता था, वो था अभिनेता बनना।"

उन्होंने लिखा, जब क्लास में सब बच्चे इंजीनियर, डॉक्टर या एस्ट्रोनॉट बनना चाहते थे, मैं चुपचाप अपने एक्टर बनने के सपने को दिल में छुपाए बैठा रहता था। मेरी चाहत इतनी बड़ी थी कि उसे जोर से कहना आसान नहीं था।"

अभिनेता ने आगे लिखा कि सीए की पढ़ाई छोड़ने से लेकर ऑडिशन के लिए लंबी-लंबी लाइनों में खड़े होने तक का सफर आसान नहीं रहा, लेकिन आज मुझे संजय लीला भंसाली के बैनर तले फिल्म में काम करने का मौका मिला। उन्होंने लिखा, "इस सफर के लिए मैं भगवान का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। इस रास्ते में बहुत लोग जुड़े और बहुतों ने बीच रास्ते साथ छोड़ दिया, लेकिन मैं किसी से शिकायत नहीं करता, क्योंकि मेरे सपनों का बोझ सिर्फ मेरा है। उसे सिर्फ मैं और मेरा तकिया जानते हैं, जिस पर मैं हर रात सिर रखता हूं। मैंने बिना डर के फैसले लिए, हर किरदार को पूरे समर्पण के साथ निभाया और अपने महान बनने के सपने को हमेशा बचाकर रखा। कुछ लोगों ने इसे घमंड कहा, कुछ ने अकड़ और मैं इसे कहता हूं 'अपने सपनों की रक्षा करना।"

अभिनेता ने पोस्ट के आखिरी में सभी सपने देखने वालों को मोटिवेट करते हुए लिखा, "यह पोस्ट उन सभी सपने देखने वालों के लिए है, जिन्हें कभी-कभी लोग 'भ्रमित' कहते हैं। लोग आपसे तब प्यार करेंगे जब यह उनके लिए सुविधाजनक होगा और तब आपको छोड़ देंगे जब यह कठिन होगा, लेकिन आप केवल उस चीज पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं जिसे आप कंट्रोलकर सकते हैं। अपने उस भ्रमित सपने की रक्षा करें तो चलो कहानी नहीं, इतिहास लिखते हैं।

--आईएएनएस

एनएस/वीसी