जीवन इसी पल में है, भविष्य के इंतजार में नहीं’, कार्यक्रम में बोले महेश भट्ट; संघर्ष, वीडियो में देंखे रिश्तों और मानसिक स्वास्थ्य पर की खुलकर चर्चा
वरिष्ठ फिल्म निर्माता और लेखक महेश भट्ट ने मुंबई में आयोजित विशेष कार्यक्रम ‘इन सर्च ऑफ ट्रुथ’ में अपने जीवन के कई अनछुए पहलुओं पर खुलकर बात की। इस दौरान उन्होंने अपने बचपन, करियर के संघर्ष, पारिवारिक रिश्तों और जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए वर्तमान में जीने के महत्व पर जोर दिया। मुंबई के वर्सोवा स्थित आरडीएक्स स्टूडियो में आयोजित इस कार्यक्रम में महेश भट्ट ने स्क्रिप्ट राइटर और डायरेक्टर सुहृता दास के साथ संवाद किया। बातचीत के दौरान उन्होंने अपने जीवन के उतार-चढ़ाव, फिल्मी सफर और व्यक्तिगत अनुभवों पर विस्तार से चर्चा की।
महेश भट्ट ने कहा कि अधिकांश लोग अपनी खुशियों और जीवन को भविष्य के किसी बेहतर समय के लिए टालते रहते हैं, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा, “लोग अक्सर सोचते हैं कि भविष्य में सब कुछ बेहतर होगा और तब वे जीवन का आनंद लेंगे। लेकिन सच्चाई यह है कि जीवन न कल में है और न ही किसी आने वाले समय में। जीवन इसी पल और इसी सांस में मौजूद है।”
उन्होंने बताया कि जीवन की सच्ची समझ तभी आती है जब व्यक्ति वर्तमान को स्वीकार करता है और उसी में जीना सीखता है। उनके अनुसार, भविष्य की चिंता और अतीत के बोझ में उलझकर लोग वर्तमान की सुंदरता को खो देते हैं।
कार्यक्रम के दौरान महेश भट्ट ने अपने शुरुआती संघर्षों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में सफलता पाने का रास्ता आसान नहीं था और उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, इन अनुभवों ने उन्हें जीवन और इंसानी रिश्तों को गहराई से समझने में मदद की।
संवाद केवल फिल्म निर्माण तक सीमित नहीं रहा। इस दौरान मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और बच्चों के पालन-पोषण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। महेश भट्ट ने कहा कि आज के समय में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परिवार और समाज को लोगों की भावनात्मक जरूरतों को समझना चाहिए।
बच्चों के पालन-पोषण पर अपने विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल सफलता के दबाव में नहीं रखना चाहिए, बल्कि उन्हें अपनी पहचान और व्यक्तित्व विकसित करने का अवसर भी मिलना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों के साथ संवाद और विश्वास का रिश्ता बनाने की सलाह दी।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने महेश भट्ट के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना और उनसे जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल भी किए। उनके अनुभवों और जीवन दर्शन ने उपस्थित लोगों को सोचने के लिए कई नए दृष्टिकोण दिए।
‘इन सर्च ऑफ ट्रुथ’ कार्यक्रम के दौरान महेश भट्ट का संदेश स्पष्ट रहा कि जीवन का वास्तविक अर्थ वर्तमान क्षण में छिपा है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे भविष्य की अनिश्चितताओं में उलझने के बजाय आज को पूरी तरह जीने का प्रयास करें, क्योंकि जीवन की सबसे बड़ी सच्चाई वर्तमान ही है।