×

थिएटर छोड़िए, OTT पर देखें ईस्ट दिल्ली की यह बेस्ट सीरीज! 7.9 IMDb रेटिंग के साथ क्यों लोग हो रहे इसके दीवाने?  

 

ओटीटी आज युवाओं के मनोरंजन का एक बड़ा प्लेटफॉर्म बन चुका है। एक क्लिक पर दर्शकों को अपनी पसंद की फिल्में और वेब सीरीज देखने को मिल जाती हैं। खास बात यह है कि ओटीटी पर दिखाई जाने वाली कई कहानियां आम जिंदगी और युवाओं के संघर्ष से जुड़ी होती हैं। यही वजह है कि कुछ कहानियां दर्शकों के दिल पर लंबे समय तक अपनी छाप छोड़ जाती हैं।

ऐसी ही एक वेब सीरीज है ‘जमनापार’, जिसका पहला सीजन 2024 में रिलीज हुआ था। पूर्वी दिल्ली की गलियों और वहां की आम जिंदगी को केंद्र में रखकर बनाई गई यह कहानी एक ऐसे लड़के की है, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार संघर्ष करता है। उसके सामने एक तरफ परिवार की उम्मीदें हैं तो दूसरी ओर बेहतर और आलीशान जिंदगी की चाहत।

क्या है ‘जमनापार’ की कहानी?

जमनापार सीजन 1 में क्या दिखाया गया?

सीरीज की कहानी शैंकी के इर्द-गिर्द घूमती है। शैंकी के पिता का किरदार वरुण बड़ोला ने निभाया है। वह लक्ष्मी नगर में मशहूर सीए कोचिंग टीचर हैं और चाहते हैं कि उनका बेटा भी जल्द से जल्द चार्टर्ड अकाउंटेंट बने।

लेकिन कई कोशिशों के बावजूद शैंकी सीए फाइनल परीक्षा पास नहीं कर पाता। ऐसे में उस पर परिवार के साथ-साथ समाज की उम्मीदों का भी दबाव बढ़ता जाता है। इसी बीच वह अपने खर्चों को पूरा करने के लिए एक छोटी सी फर्म में काम करना शुरू करता है।

नौकरी के दौरान उसे गुरुग्राम के एक बड़े कॉर्पोरेट क्लाइंट के साथ काम करने का मौका मिलता है। यहीं से उसके सामने एक बिल्कुल अलग दुनिया खुलती है। आलीशान ऑफिस, पैसा और कॉर्पोरेट लाइफ देखकर शैंकी अपनी पूर्वी दिल्ली की साधारण जिंदगी को लेकर असहज महसूस करने लगता है।

धीरे-धीरे वह उस चमक-दमक वाली दुनिया का हिस्सा बनने की कोशिश करता है और अपनी ‘जमनापार’ वाली पहचान को छिपाने लगता है। नए दोस्तों और कॉर्पोरेट दुनिया के प्रभाव में वह अपनी पारिवारिक सोच और मूल्यों से भी दूर होने लगता है।

हालांकि, इसी दौरान वह कुछ लोगों के जाल में फंस जाता है और उस पर झूठे आरोप लग जाते हैं। मुश्किल समय में उसका परिवार एक बार फिर उसके साथ खड़ा होता है। इसके बाद शैंकी को अपनी गलतियों और अपने परिवार की अहमियत का एहसास होता है।

सीजन 2 में आगे बढ़ती है शैंकी की कहानी

‘जमनापार’ का दूसरा सीजन शैंकी की जिंदगी में आए एक बड़े मोड़ से कहानी को आगे बढ़ाता है। सीए बनने के बाद किए गए एक घोटाले के चलते शैंकी अपना सीए लाइसेंस गंवा देता है।

अब उसके सामने दोबारा खुद को साबित करने की चुनौती होती है। एक तरफ उसकी पूर्वी दिल्ली की जड़ें हैं और दूसरी तरफ ऐसी दुनिया है, जहां पैसा, शॉर्टकट और तेज सफलता को ज्यादा महत्व दिया जाता है।

इसी दौरान शैंकी की मुलाकात पूर्वी दिल्ली के ‘कबाड़ किंग’ शौकीन भैया से होती है, जिसका किरदार विजय राज ने निभाया है। शौकीन भैया शैंकी को पैसे और चमक-दमक की एक नई दुनिया से परिचित कराता है। लेकिन जल्द ही शैंकी को वहां भी धोखे का सामना करना पड़ता है।

दूसरी तरफ उसके परिवार में भी सबकुछ ठीक नहीं रहता। शैंकी की बहन शैलजा और जीजा पारस के IVF समेत दूसरे पारिवारिक फैसलों को लेकर बंसल परिवार में मतभेद बढ़ने लगते हैं। धीरे-धीरे परिवार के रिश्तों में तनाव इतना बढ़ जाता है कि रिश्ते टूटने की कगार पर पहुंच जाते हैं।

इस तरह दूसरा सीजन सिर्फ शैंकी के करियर और पैसों की कहानी नहीं दिखाता, बल्कि परिवार, रिश्तों, महत्वाकांक्षा और सही-गलत के बीच उसके संघर्ष को भी सामने रखता है।

IMDb पर मिली 7.9 की रेटिंग

‘जमनापार’ को दर्शकों की तरफ से भी अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। सीरीज को IMDb पर 7.9 की रेटिंग मिली है। इसकी कहानी में पूर्वी दिल्ली की गलियों, परिवार की उम्मीदों, युवाओं के करियर संघर्ष और बेहतर जिंदगी की चाहत को जिस तरह दिखाया गया है, वह इसे आम दर्शकों से जोड़ने में मदद करता है।

यही वजह है कि ‘जमनापार’ उन दर्शकों के लिए खास बन जाती है, जो छोटे शहर या साधारण परिवार से निकलकर अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं। सीरीज यह भी दिखाती है कि सफलता की दौड़ में अपनी जड़ों और अपनों को भूल जाना कभी-कभी कितनी बड़ी कीमत वसूल सकता है।