11 में से 9 गानों में लता जी का जादू और 22 साल के इंतज़ार की कहानी: क्या आपको याद है 2004 की यह आइकॉनिक फिल्म?
साल 2004 में निर्देशक यश चोपड़ा ने पर्दे पर ऐसी प्रेम कहानी पेश की थी, जिसमें प्यार के आगे सरहदों की दीवारें भी छोटी नजर आईं। फिल्म थी ‘वीर-जारा’, जिसमें शाहरुख खान ने भारतीय वायुसेना के अधिकारी वीर प्रताप सिंह और प्रीति जिंटा ने पाकिस्तानी लड़की जारा हयात खान का किरदार निभाया था। यह सिर्फ दो लोगों की प्रेम कहानी नहीं थी, बल्कि इसमें प्यार, त्याग, परिवार, सरहद और इंसानियत की भावनाओं को बेहद खूबसूरती से दिखाया गया था।
एक हादसे ने बदल दी दो अजनबियों की जिंदगी
फिल्म की कहानी जारा से शुरू होती है, जो अपनी बेबे की आखिरी इच्छा पूरी करने भारत आती है। इसी दौरान उसकी बस का एक्सीडेंट हो जाता है और वह एक अनजान जगह पर फंस जाती है। भारतीय वायुसेना के रेस्क्यू पायलट वीर प्रताप सिंह उसकी मदद के लिए पहुंचते हैं।
इस मुलाकात के बाद वीर और जारा के बीच दोस्ती होती है। दोनों एक-दूसरे के करीब आने लगते हैं और धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल जाती है। वीर जारा को सुरक्षित उसके घर पाकिस्तान पहुंचाने का फैसला करता है।
लेकिन पाकिस्तान पहुंचने के बाद वीर को पता चलता है कि जारा की शादी पहले ही कहीं और तय हो चुकी है। इसके बावजूद दोनों के दिल में एक-दूसरे के लिए प्यार कम नहीं होता।
जारा के लिए वीर ने दे दी अपनी पूरी जिंदगी
जब वीर और जारा के रिश्ते की सच्चाई परिवार के सामने आती है तो हालात बेहद मुश्किल हो जाते हैं। जारा एक तरफ अपने प्यार और दूसरी तरफ अपने परिवार की इज्जत और पिता की भावनाओं के बीच फंस जाती है।
वीर जारा को अपने साथ भारत ले जाना चाहता है, लेकिन कहानी में ऐसा मोड़ आता है जहां वह जारा की जिंदगी और सम्मान बचाने के लिए खुद को कुर्बान करने का फैसला करता है।
वीर को पाकिस्तान की जेल में डाल दिया जाता है। इसके बाद उसकी जिंदगी के 22 साल जेल की चारदीवारी में बीत जाते हैं। सबसे भावुक बात यह है कि वीर इतने लंबे समय तक अपनी कहानी किसी के सामने नहीं बताता। वह चुपचाप अपने प्यार का राज अपने दिल में दबाए रहता है।
22 साल बाद सामने आई वीर-जारा की सच्चाई
कहानी में 22 साल बाद बड़ा बदलाव आता है। पाकिस्तानी वकील सामिया सिद्दीकी अपने करियर का पहला केस लड़ने के लिए वीर से मिलती है। जेल में बंद इस बुजुर्ग कैदी की खामोशी सामिया को परेशान करती है और वह जानना चाहती है कि आखिर वीर की जिंदगी में ऐसा क्या हुआ था, जिसकी वजह से उसने इतने साल चुप रहना चुना।
धीरे-धीरे सामिया को वीर और जारा की पूरी प्रेम कहानी का पता चलता है। इसके बाद वह वीर की सच्चाई दुनिया के सामने लाने और उसे इंसाफ दिलाने की कोशिश करती है।
फिल्म में रानी मुखर्जी ने सामिया सिद्दीकी का किरदार निभाया था। इसके अलावा किरण खेर, दिव्या दत्ता, बोमन ईरानी और अनुपम खेर भी अहम भूमिकाओं में नजर आए। अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी ने फिल्म में विशेष भूमिकाएं निभाईं।
बॉक्स ऑफिस पर भी मिली बड़ी सफलता
‘वीर-जारा’ 12 नवंबर 2004 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। उपलब्ध बॉक्स ऑफिस आंकड़ों के मुताबिक फिल्म करीब 23 करोड़ रुपये के बजट में बनी थी और भारत में लगभग 60.65 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था। दुनियाभर में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन करीब 97.64 करोड़ रुपये रहा। फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट माना गया।
आज भी याद किए जाते हैं फिल्म के गाने
‘वीर-जारा’ की कहानी के साथ इसका संगीत भी दर्शकों के दिल में खास जगह बनाने में कामयाब रहा। फिल्म का संगीत दिवंगत संगीतकार मदन मोहन की पुरानी और अप्रकाशित धुनों पर उनके बेटे संजीव कोहली ने तैयार किया था। गीत जावेद अख्तर ने लिखे थे।
‘तेरे लिए’, ‘मैं यहां हूं’, ‘ऐसा देश है मेरा’ और ‘ये हम आ गए हैं कहां’ जैसे गाने आज भी फिल्म की पहचान माने जाते हैं। फिल्म के ज्यादातर गानों में लता मंगेशकर की आवाज सुनाई दी थी।
‘वीर-जारा’ की खासियत यही रही कि इसकी कहानी सिर्फ एक प्रेमी जोड़े तक सीमित नहीं रही। वीर का त्याग, जारा का इंतजार और 22 साल बाद उनकी मोहब्बत का सच सामने आना आज भी इस फिल्म को बॉलीवुड की यादगार प्रेम कहानियों में शामिल करता है।