कुमार सानू की जगजीत सिंह से मुलाकात का दिलचस्प किस्सा, हॉल में 12 कुत्तों के बीच फंसे थे सिंगर
नई दिल्ली, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। यह कहानी है केदारनाथ की। वही केदारनाथ, जिन्हें पूरी दुनिया कुमार सानू के नाम से जानती है। कुमार सानू ने अपनी असाधारण आवाज का जादू ऐसा बिखेरा कि आज हर ‘आशिक’ उनके गाए 'आशिकी' के गाने गुनगुनाने लगता है।
20 अक्टूबर 1957 को जन्मे कुमार सानू बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय और सदाबहार पार्श्व गायकों में से एक हैं। नब्बे के दशक में उनके गाए रूमानी और मेलोडियस गाने बेहद मशहूर हुए।
कुमार सानू ने अपने करियर की शुरुआत बतौर सानू भट्टाचार्य नाम से की थी। कहा जाता है कि उनके पिता पशुपति नाथ भट्टाचार्य शिव भक्त थे और इसीलिए बेटे का नाम केदारनाथ रख दिया। इन्हें यह नाम पसंद नहीं था। जब शुरुआती ट्रेनिंग कल्याणजी-आनंदजी भाई के साथ हुई, तब उन्हें नाम बदलने की राय दी गई थी और कहा गया कि अपना नाम ‘कुमार’ रख लो। पहले ही बड़े प्यार से उन्हें सानू बुलाया जाता था, इसलिए नाम कुमार सानू हो गया।
गायकी के ऊपर कोई पाबंदी तो नहीं थी, लेकिन कुमार सानू के पिता चाहते थे कि बेटा खूब पढ़ाई करे। शुरुआती दौर में कुमार सानू को एक बांग्ला फिल्म में काम करने का अवसर मिला। उन्हें पहला बॉलीवुड गाना मिला 'जश्न है मोहब्बत का', जो 1988 की फिल्म 'हीरो हीरालाल' का था। वैसे तो साल 1979 में कुमार सानू स्टेज शो में बतौर गायक काम करने लगे थे। शहर कोलकाता ही था, जहां वे एक होटल में चार हजार रुपए महीने की तनख्वाह पर बतौर गायक थे।
फिर धीरे-धीरे बॉलीवुड की ओर उनकी नजरें जाने लगी थीं और कोलकाता को छोड़ वो मुंबई चले आए। बताया जाता है कि कुमार सानू ने किसी तरह से बड़े भाई से 1,100 रुपए उधार लिए और साल 1986 में मुंबई पहुंच गए। वहां कुछ दिन गुजरने का साथ उन्हें आराधना गेस्ट हाउस में नौकरी भी मिल गई थी। उसी स्टूडियो में महान गजल गायक जगजीत सिंह का आना-जाना लगा रहता था, क्योंकि वे वहां अपनी गजलें रिकॉर्ड करने आते थे।
“प्यार मांगा है तुम्हीं से, न इनकार करो, पास बैठो जरा आज तो, इकरार करो। कितनी हसीं है रात, दुल्हन बनी है रात। मचले हुए जजबात, बात जरा होने दो। मुझे प्यार करो, मुझे प्यार करो। प्यार मांगा है तुम्हीं से, न इनकार करो।”
कुमार सानू अक्सर किशोर कुमार की गजलें गाया करते थे और कोलकाता से लेकर मुंबई तक उनका यह जुड़ाव लगातार रहा। यही वह गाना था, जब कुमार सानू की आवाज से जगजीत सिंह इतने प्रभावित हुए कि उन्हें मुलाकात के लिए बुला लिया। उन्होंने कुमार शानू को कल्याणजी आनंदजी के साथ पहला ब्रेक दिलाने में मदद की। इस बारे में कुमार सानू ने अक्सर इंटरव्यू में बताया।
कुमार सानू ने एक इंटरव्यू में बताया, “जब मैं किशोर कुमार के गाने रिकॉर्ड कर रहा था, तब मेरी मुलाकात जगजीत जी से हुई। वे भी उसी स्टूडियो में अपनी गजलें रिकॉर्ड किया करते थे। जब उन्होंने मेरे गाए गाने सुने, तो वे बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने मुझसे मिलने के लिए कहा। मुझे बिल्कुल पता नहीं था कि वे स्टूडियो में मौजूद हैं। उन्हें देखकर मैं हैरान रह गया। मैंने उनके पैर छुए और उन्होंने मुझे अगले दिन दोपहर 12 बजे अपने घर बुलाया।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं वहां गया। जगजीत जी से मिलने पर उन्होंने मुझसे किशोर कुमार का कोई तेजतर्रार गाना गाने को कहा। मैंने ‘मेरे सामने वाली खिड़की’ गाया। उन्होंने मुझे पेन और कागज दिया और एक नया गाना सीखने को कहा। मैंने 5 मिनट में वह गाना सीख लिया, और फिर वे मुझे तारदेव के ‘फेमस स्टूडियो’ ले गए। मैंने लगभग 10-15 मिनट में वह गाना रिकॉर्ड किया और जगजीत जी ने तुरंत मुझे गले लगा लिया। उन्होंने अपनी जेब से 1,500 रुपए निकाले और मुझे दे दिए। हम वह गाना लेकर कल्याणजी-आनंदजी से मिलने पेडर रोड गए। संगीत निर्देशकों ने मेरा गाना सुना और उन्हें भी यह बहुत पसंद आया। इस तरह मेरे करियर की शुरुआत हुई।”
एक और इंटरव्यू में उन्होंने इस मुलाकात का दिलचस्प किस्सा भी शेयर किया। उन्होंने बताया, “जब मैं जगजीत सिंह जी के घर गया था, तो हॉल में 12 कुत्ते थे। मुझे हॉल में ही इंतजार करने के लिए बोला गया था। मुझे देखकर हॉल के अंदर के कुत्ते भी बैठ गए थे। मैं थोड़ी देर बाद हारमोनियम बजाने के लिए बढ़ा और हाथ रखा, सामने के दो-तीन कुत्तों ने भौंकना शुरू कर दिया था और इसी कारण मैं वहां शुरू में जिस तरह बैठा था, उसी तरह बैठना पड़ा।”
आगे चलकर लक्ष्मीकांत प्यारेलाल, नौशाद और राहुल देव बर्मन (पंचम दा) जैसे दिग्गज संगीतकारों के लिए कुमार सानू ने गाने गए। अलका याग्निक के साथ कुमार सानू की जोड़ी खूब जमी। जब ‘आशिकी’ के गाने इन्हें मिले तो वो हर दिलों पर छा गए।
कुमार सानू ने दुनिया भर में ख्याति प्राप्त की। मुख्य रूप से मधुर प्रेम गीत गाने वाले कुमार सानू ने रोमांटिक फिल्म 'आशिकी' के अपने गानों के जरिए कई लोगों का दिल जीत लिया। बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय और सदाबहार पार्श्व गायकों में से एक कुमार सानू ने लगातार पांच फिल्मफेयर पुरस्कार जीते और एक दिन में 28 गाने रिकॉर्ड करके गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया।
--आईएएनएस
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