कंगना रनोट का CJP प्रदर्शन पर निशाना, वीडियो में बोलीं- 'सरकार पर दबाव बनाना गलत, बहस का मंच संसद है'
भाजपा सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनोट ने संसद के मानसून सत्र के दौरान जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। संसद भवन परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत में कंगना ने कहा कि किसी सरकार पर आंदोलन के जरिए दबाव बनाकर फैसले करवाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मुद्दों पर चर्चा और समाधान का सबसे उपयुक्त मंच संसद है, न कि सड़क पर होने वाले प्रदर्शन।
'संसद बहस के लिए बनी है'
कंगना रनोट ने कहा कि संसद का मानसून सत्र इसलिए आयोजित किया जाता है ताकि जनहित के सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हो सके और सांसद अपनी बात रख सकें।उन्होंने कहा, "जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से सरकार चुनी है। सरकार चलाने का अधिकार उसी के पास है। अगर किसी को लगता है कि वह बेहतर तरीके से नेतृत्व कर सकता है, तो उसे चुनाव लड़कर जनता का समर्थन हासिल करना चाहिए।"
जंतर-मंतर के प्रदर्शन पर जताई आपत्ति
कंगना ने जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन को लेकर कहा कि इस तरह का प्रदर्शन सही तरीका नहीं है।उन्होंने कहा, "ये लोग जंतर-मंतर पर हुड़दंग और उत्पात मचा रहे हैं। आंदोलन के जरिए सरकार का हाथ मरोड़ना ठीक नहीं है। लोकतंत्र में अपनी बात रखने के संवैधानिक और संसदीय तरीके मौजूद हैं।"
कई दिनों से जारी है प्रदर्शन
गौरतलब है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) छात्रों की विभिन्न मांगों के समर्थन में कई दिनों से प्रदर्शन कर रही है। इस आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
सनातन संस्कृति पर भी दिया बयान
कंगना रनोट ने इस दौरान सनातन संस्कृति को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि समय के साथ अधिक से अधिक लोग भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की ओर लौटेंगे।उन्होंने कहा, "धीरे-धीरे हर कोई बीजेपी और सनातन संस्कृति की शरण में आएगा, क्योंकि यही हमारी अपनी संस्कृति है।"
बयान पर बढ़ सकती है राजनीतिक बहस
कंगना रनोट का यह बयान ऐसे समय आया है जब संसद के मानसून सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल रही है। जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन और उस पर कंगना की टिप्पणी को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं। फिलहाल, CJP के प्रदर्शन और उस पर सरकार व विपक्ष के अलग-अलग रुख के बीच कंगना रनोट का बयान भी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।