जेन Z विवाद पर कंगना रनोट का पलटवार: बोलीं- फिल्मों के किरदारों से मेरी सोच को न आंकें, रील और रियल लाइफ में फर्क समझें
जेनरेशन Z (Gen Z) को लेकर दिए गए बयान के बाद आलोचनाओं का सामना कर रहीं बॉलीवुड अभिनेत्री और सांसद कंगना रनोट ने अब ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया है। सोशल मीडिया पर उनकी फिल्मों के किरदारों की क्लिप्स शेयर कर उन्हें निशाना बनाने वालों पर प्रतिक्रिया देते हुए कंगना ने कहा कि किसी अभिनेता के फिल्मी किरदार और उसके वास्तविक विचारों को एक जैसा मानना गलत है। उन्होंने लोगों से रील लाइफ और रियल लाइफ के बीच का अंतर समझने की अपील की।
सोशल मीडिया पर साझा किया पुराना संसदीय भाषण
विवाद के बीच कंगना रनोट ने सोशल मीडिया पर संसद में दिए गए अपने एक पुराने भाषण का वीडियो साझा किया। इसके जरिए उन्होंने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा कि अभिनय केवल एक पेशा है और कलाकार अपने काम के तहत अलग-अलग तरह के किरदार निभाते हैं।कंगना ने कहा कि किसी फिल्म में निभाया गया किरदार किसी अभिनेता की निजी सोच, विचारधारा या जीवन का प्रतिबिंब नहीं होता।
'फिल्मी किरदारों के आधार पर जज करना गलत'
कंगना ने अपने बयान में कहा कि कलाकार का काम विभिन्न प्रकार के किरदारों को निभाना होता है। ऐसे में फिल्मों के दृश्यों या पात्रों के आधार पर किसी अभिनेता के निजी विचारों का आकलन करना उचित नहीं है।उन्होंने कहा कि दर्शकों को यह समझना चाहिए कि पर्दे पर निभाए गए किरदार और वास्तविक जीवन में व्यक्ति की सोच अलग-अलग होती है।
'युवाओं को गुमराह करने की कोशिश हो रही'
कंगना रनोट ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर युवाओं को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। उनके अनुसार, फिल्मी किरदारों को अभिनेता की असली सोच बताकर पेश करना न केवल गलत है, बल्कि इससे लोगों के बीच गलतफहमी भी फैलती है।उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही ऐसी मुहिम तथ्यों से अधिक भ्रम पैदा करने का काम करती है।
Gen Z बयान के बाद शुरू हुआ था विवाद
कंगना रनोट का यह बयान ऐसे समय आया है, जब Gen Z को लेकर उनकी टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई थी। कई यूजर्स ने उनकी फिल्मों के पुराने दृश्य और किरदार साझा कर उनकी आलोचना की थी।अब कंगना ने स्पष्ट किया है कि एक अभिनेता को उसके निभाए गए किरदारों से नहीं, बल्कि उसके वास्तविक विचारों और सार्वजनिक बयानों के आधार पर समझा जाना चाहिए।कंगना के इस जवाब के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। एक ओर उनके समर्थक उनके तर्क का समर्थन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आलोचक अपनी प्रतिक्रियाएं जारी रखे हुए हैं।