जूनियर आर्टिस्ट से एक्टर बने थे चंद्रशेखर वैद्य, 'रामायण' के 'आर्य सुमंत' के किरदार को किया था जीवंत
मुंबई, 15 जून (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता रहे चंद्रशेखर वैद्य का 98 वर्ष की उम्र में 16 जून 2021 को निधन हुआ था। रामानंद सागर के 'रामायण' में उन्होंने सुमंत का बेहतरीन किरदार निभाया था। उन्होंने अपने करियर में 110 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया।
चंद्रशेखर वैद्य का जन्म 7 जुलाई 1922 को तेलंगाना (तत्कालीन हैदराबाद) में हुआ था। उन्होंने 1940 के दशक की शुरुआत में कॉलेज छोड़ दिया और बंबई आकर फिल्म उद्योग में कदम रखा। गायिका शमशाद बेगम की सिफारिश पर उन्होंने पुणे के शालीमार स्टूडियो में काम शुरू किया।
वर्ष 1950 में 'बेबस' फिल्म से उन्होंने जूनियर आर्टिस्ट के रूप में डेब्यू किया और धीरे-धीरे सहायक भूमिकाओं में अपनी जगह बनाई। बतौर अभिनेता उन्होंने 1953 में आई 'सुरंग' फिल्म में काम किया। इसके बाद उन्होंने 'काली टोपी लाल रुमाल', 'बारादरी', 'बसंत बहार', 'गेटवे ऑफ इंडिया', 'फैशन', 'बरसात की रात', 'अंगुलिमाल', 'रुस्तम-ए-बगदाद', 'जहां आरा' जैसी कई फिल्मों में काम किया।
वर्ष 1964 में चंद्रशेखर वैद्य ने 'चा चा चा' फिल्म प्रोड्यूस, डायरेक्ट और लीड रोल किया। इसके बाद 'स्ट्रीट सिंगर' भी उन्होंने प्रोड्यूस और डायरेक्ट की। वर्ष 1960 के दशक के अंत तक लीड रोल्स कम होने पर चंद्रशेखर कैरेक्टर आर्टिस्ट बन गए। कुल मिलाकर उन्होंने 110 से ज्यादा फिल्में कीं।
रामानंद सागर की महाकाव्य सीरीज 'रामायण' में आर्य सुमंत के किरदार से चंद्रशेखर वैद्य को काफी लोकप्रियता मिली। उन्होंने यह भूमिका 64 वर्ष की उम्र में निभाई थी और उनकी यह भूमिका दर्शकों के मन में आज भी अमिट है।
1985 से 1996 तक चंद्रशेखर सिने आर्टिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे और फिल्म इंडस्ट्री के कर्मचारियों के कल्याण के लिए सक्रिय भूमिका निभाई। वर्ष 2000 में 'खौफ' फिल्म के बाद उन्होंने अभिनय से सन्यास ले लिया। 13 वर्ष की उम्र में चंद्रशेखर की शादी हो गई थी। वे पढ़ना चाहते थे लेकिन 7वीं तक ही पढ़ सके। चंद्रशेखर वैद्य काफी सादगी भरा जीवन जीते थे। उनके बेटे अशोक शेखर टीवी प्रोड्यूसर हैं।
--आईएएनएस
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