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बचपन में माता-पिता के संघर्ष का अंदाजा नहीं होता, बाद में समझ आता है : शुभांगी अत्रे

 

मुंबई, 19 जून (आईएएनएस)। हर सफल इंसान के पीछे परिवार का त्याग, संघर्ष और उनका मजबूत सपोर्ट होता है। ऐसी ही कहानी टीवी अभिनेत्री शुभांगी अत्रे की है। उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में अपने पिता के योगदान को याद करते हुए बताया कि उनकी जिंदगी और करियर आज जिस मुकाम पर हैं, उसमें सबसे बड़ी भूमिका उनके पिता के अनुशासन, मूल्यों और समर्थन की रही है।

आईएएनएस से बात करते हुए शुभांगी अत्रे ने कहा, ''बचपन में इंसान को यह समझ नहीं आता कि उसके माता-पिता कितनी जिम्मेदारियां निभा रहे होते हैं। उस समय जीवन आसान और आरामदायक लगता है, लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, तब यह एहसास होता है कि माता-पिता ने कितनी मेहनत और संघर्ष से उनको पाला है। मेरे पिता हमेशा परिवार की जरूरतों को सबसे ऊपर रखते हैं, लेकिन कभी भी अपने संघर्ष या कठिनाइयों को सामने नहीं आने देते।''

अभिनेत्री ने बताया, ''मेरे पिता हर जिम्मेदारी को निभाते हैं। चाहे आर्थिक दबाव हो या घर की जरूरतें, उन्होंने कभी परिवार को किसी कमी का एहसास नहीं होने दिया। सबसे खास बात यह थी कि वह अपने संघर्षों को कभी दिखाते नहीं थे और हमेशा ऐसा व्यवहार करते थे कि जैसे सब कुछ सामान्य चल रहा है। यह समझ मुझे बाद में आई, जब मैंने खुद जिंदगी की जिम्मेदारियों को महसूस करना शुरू किया।''

शुभांगी अत्रे ने अपने पिता के स्वभाव के बारे में बताया, "वह बहुत अनुशासित, मजबूत और सिद्धांतों पर चलने वाले इंसान हैं। वह हमेशा सही और गलत में फर्क करके सही रास्ता चुनते हैं, चाहे परिस्थितियां कितनी भी मुश्किल क्यों न हों। उन्होंने हमेशा मेरा साथ दिया, मुझे खुद फैसले लेने की आजादी दी, और हर कदम पर अपना भरोसा बनाए रखा। यही भरोसा मेरे आत्मविश्वास की सबसे बड़ी ताकत है।"

शुभांगी अत्रे ने कहा, "मुझे अफसोस है कि मैंने अपने पिता को पहले कभी खुलकर धन्यवाद नहीं कहा। अब मैं बस उनसे इतना कहना चाहूंगी, 'पापा, हमेशा मेरे साथ रहने के लिए धन्यवाद। मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं और आपके हर संघर्ष के लिए हमेशा आभारी रहूंगी।'"

--आईएएनएस

पीके/एबीएम