'चुट्टामल्ले' के फेक एआई वीडियो पर राम गोपाल वर्मा का तंज, बोले- पब्लिसिटी देने से करोड़ों लोगों ने देख लिया
मुंबई, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का गलत इस्तेमाल इन दिनों एक गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। हाल ही में फिल्म 'देवरा' के गाने 'चुट्टामल्ले' से जुड़ा एक मॉर्फ्ड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिस पर जूनियर एनटीआर ने भी कड़ी नाराजगी जताई और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही। अब फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने इस पूरे मामले पर अपनी राय रखी है।
राम गोपाल वर्मा ने कहा, ''ऐसे मामलों में सेलिब्रिटीज का सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक एआई कंटेंट के बारे में ज्यादा बात करना कई बार पब्लिसिटी करने जैसा हो जाता है। इससे उस कंटेंट को और ज्यादा लोग देखने लगते हैं, जिससे उसे करोड़ों व्यूज मिल जाते हैं। बेहतर तरीका यह होता कि फोकस उस व्यक्ति को पकड़ने पर किया जाता, जिसने यह मॉर्फ्ड कंटेंट बनाया था।''
फिल्ममेकर ने आगे कहा, ''सेलिब्रिटीज के पोस्ट करने से विक्टिम की पहचान और आपत्तिजनक कंटेंट दोनों पर लोगों का ध्यान गया। सवाल ये है कि कि ऐसे मामलों में असली आरोपी पर ध्यान देने के बजाय कंटेंट को ही ज्यादा चर्चा क्यों मिलती है।''
यह पूरा मामला तब चर्चा में आया जब 'देवरा' के गाने 'चुट्टामल्ले' का एक फेक और मॉर्फ्ड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में एआई तकनीक का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल कर एक महिला को आपत्तिजनक तरीके से दिखाया गया था। मामले पर जूनियर एनटीआर ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी।
शनिवार को जूनियर एनटीआर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस वीडियो की निंदा की। उन्होंने इसे बनाने और फैलाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी। उन्होंने ऐसे लोगों को घिनौना और बीमार मानसिकता वाला बताया।
जूनियर एनटीआर ने लिखा, ''जिस देश में महिलाओं को मां और देवी के रूप में पूजा जाता है और 'मातृदेवो भव' सिर्फ एक वाक्य नहीं बल्कि संस्कृति का हिस्सा है, वहां कुछ लोग एआई का इस्तेमाल एक महिला का बेहद अपमानजनक तरीके से मजाक बनाने के लिए कर रहे हैं। इस तरह का आपत्तिजनक कंटेंट बनाने वाले लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।''
एक्टर ने कहा, ''मेरी लोगों से भी अपील है कि वे ऐसे कंटेंट को देखने, शेयर करने या उस पर किसी भी तरह का रिएक्शन देने से बचें। आज यह किसी और के साथ हुआ है, लेकिन कल यही चीज किसी की मां, बहन, पत्नी या बेटी के साथ भी हो सकती है। यह बेहद गंभीर मुद्दा है। मैं सभी राज्यों की सरकार और केंद्र सरकार से एआई के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सख्त नियम बनाने की अपील करता हूं।''
--आईएएनएस
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