राजनीति में राघव लॉरेंस की एंट्री? प्रशंसकों से मांगी राय
चेन्नई, 12 जून (आईएएनएस)। अभिनेता, कोरियोग्राफर और निर्माता राघव लॉरेंस ने राजनीति में कदम रखने की संभावनाओं को लेकर बड़ा संकेत दिया है। शुक्रवार को उन्होंने अपने प्रशंसकों और आम जनता से सवाल किया कि क्या उन्हें राजनीति में आना चाहिए। लॉरेंस ने लोगों से इस मुद्दे पर अपनी राय रखने की अपील की।
सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करते हुए राघव लॉरेंस ने राजनीति में आने की अपनी इच्छा जाहिर की। उन्होंने कहा, "अपना कर्तव्य ईमानदारी से निभाइए और बदले में किसी चीज की उम्मीद मत रखिए। मुझे आप सभी की सलाह और मार्गदर्शन की जरूरत है।"
लॉरेंस ने कहा कि उन्होंने कभी राजनीति में आने की कल्पना नहीं की थी। उनका न तो धन कमाने का इरादा रहा है और न ही किसी पद या सीट की इच्छा। उन्होंने कहा, "मेरे मन में हमेशा यही विचार था कि यदि कोई ऐसा व्यक्ति, जिस पर मुझे विश्वास हो और जो मेरे करीब हो, राजनीति में आए, तो मैं उसके साथ खड़ा रहकर समाज की सेवा के लिए काम करूंगा। मेरा उद्देश्य हमेशा बड़े स्तर पर लोगों की मदद करना रहा है।"
उन्होंने आगे कहा कि अब वह लोगों की राय जानना चाहते हैं और इस बारे में प्रशंसकों तथा आम जनता से सुझाव और मार्गदर्शन की अपेक्षा रखते हैं।
उन्होंने आगे कहा, "आज परिस्थितियां मुझे ऐसे मोड़ पर ले आई हैं, जहां मुझे राजनीति में प्रवेश करने की आवश्यकता महसूस हो रही है।"
राघव लॉरेंस ने बताया कि उन्होंने अपने वीडियो में राजनीति को लेकर अपनी सोच, जीवन में राजनीति के प्रवेश की कहानी, राजनीति के प्रति अपनी मां के नजरिए और अपने जीवन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण एवं दिलचस्प अनुभवों के बारे में खुलकर बात की है।
उन्होंने कहा कि वीडियो में साझा की गई हर बात उन्होंने पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और दिल से रखी है, ताकि लोग उनके विचारों और फैसले को बेहतर तरीके से समझ सकें।
राघव लॉरेंस ने लोगों से अपील करते हुए कहा, "मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि इस वीडियो को अंत तक देखें और अपने विचार मेरे साथ साझा करें। इस महत्वपूर्ण कदम को उठाते समय आपकी सलाह और मार्गदर्शन मेरे लिए बहुत मायने रखते हैं।"
वीडियो में लॉरेंस ने कहा कि वह हमेशा इस सिद्धांत पर चलते रहे हैं कि व्यक्ति को अपना कर्तव्य पूरी ईमानदारी से निभाना चाहिए और उसके बदले किसी पुरस्कार या लाभ की अपेक्षा नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने इस विचार को समझाने के लिए एक कहानी भी सुनाई। कहानी में एक अमीर व्यक्ति के दो नौकर होते हैं। उनमें से एक केवल अपना काम पूरी लगन से करता है, जबकि दूसरा मालिक की लगातार प्रशंसा करता रहता है। अंत में मालिक उसी नौकर को बड़ा पुरस्कार देता है, जिसने बिना किसी स्वार्थ के केवल अपना कर्तव्य निभाया था।
इसके बाद राघव लॉरेंस ने अपने सामाजिक और जनकल्याण कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब रजनीकांत ने राजनीति में आने का फैसला किया था, तब वह भी उनके साथ राजनीति में प्रवेश करने के लिए तैयार थे।
हालांकि, उन्होंने कहा कि उस समय उनकी मां राजनीति में जाने के पक्ष में नहीं थीं। लॉरेंस के अनुसार, जब उन्होंने अपनी मां से कहा कि राजनीति में आने के बाद वह और अधिक जरूरतमंद बच्चों की मदद कर सकेंगे, तब उनकी मां ने जवाब दिया कि वह अभी जो संसाधन उनके पास हैं, उन्हीं से लोगों की सहायता करते रहें और राजनीति में जाने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने यह भी याद किया कि बाद में रजनीकांत की तबीयत खराब हो गई और उन्होंने अपना फैसला बदल लिया।
राघव लॉरेंस ने आगे बताया कि राजनीति में आने का विचार उनके मन में फिर तब आया, जब विजय ने राजनीतिक पारी शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम वाले दिन जब उन्होंने अपनी मां से कहा कि लोगों ने विजय पर भरोसा जताया है और अच्छे लोगों को राजनीति में आने पर जनता समर्थन देती है, तब उन्होंने पहली बार अपनी मां के चेहरे पर इस विषय को लेकर सकारात्मकता देखी।
अभिनेता ने बताया कि उनकी मां ने अब उन्हें राजनीति में आने की अनुमति दे दी है। वीडियो के अंत में उन्होंने अपने प्रशंसकों से सीधा सवाल पूछा। उन्होंने कहा, "मैं अपने प्रशंसकों से पूछ रहा हूं, जिन्हें मैं अपनी मां के समान मानता हूं। आप बताइए, क्या मुझे राजनीति में आना चाहिए? क्या मैं इसके योग्य हूं? अपनी राय कमेंट के जरिए जरूर बताएं।"
--आईएएनएस
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