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चंकी पांडे ने सुनाया डेविड धवन का मजेदार किस्सा, बोले- 'सेट पर मौजूद लोग उन्हें फ्रेम में आने से रोकते थे'

 

मुंबई, 2 सितंबर (आईएएनएस)। अभिनेता चंकी पांडे ने फिल्ममेकर डेविड धवन के साथ काम करने के अपने अनुभव को याद करते हुए एक मजेदार किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि डेविड धवन अपने काम को लेकर इतने उत्साहित रहते थे कि शूटिंग के दौरान खुद ही सीन का हिस्सा बनने के करीब पहुंच जाते थे। हालत यह होती थी कि जब कैमरा चल रहा होता था, तब सेट पर मौजूद लोगों को उन्हें रोकना पड़ता था, ताकि वह फ्रेम में न आ जाएं।

चंकी ने डेविड धवन को अपने साथ काम करने वाले सबसे बेहतरीन निर्देशकों में से एक बताया और कहा कि उस दौर में आज की तरह मॉनिटर और दूसरी तकनीकें नहीं होती थीं, इसलिए निर्देशक को पूरा सीन अपने दिमाग में ही देखना पड़ता था।

चंकी पांडे ने यह किस्सा सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन के शो 'इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन 5' के आने वाले एपिसोड में सुनाया। शो के दौरान वह डेविड धवन के साथ काम करने के दिनों को याद करते नजर आए। चंकी ने बताया कि डेविड शूटिंग के समय सिर्फ निर्देशक बनकर पीछे खड़े नहीं रहते थे, बल्कि सीन के साथ पूरी तरह जुड़ जाते थे।

चंकी ने कहा कि उनके समय में शूटिंग के दौरान मॉनिटर जैसी आज की सुविधाएं नहीं होती थीं। निर्देशक कैमरे के पीछे रहकर सीधे कलाकारों को निर्देश देते थे। ऐसे में जब डेविड धवन 'स्टार्ट, साउंड, कैमरा, एक्शन' बोलते थे और सीन शुरू होता था, तो वह खुद भी उस सीन में इतने डूब जाते थे कि कई बार फ्रेम के अंदर पहुंचने लगते थे। चंकी के मुताबिक, उस समय सेट पर मौजूद लोगों को उन्हें पकड़कर पीछे रखना पड़ता था, क्योंकि वह सीन को लेकर बहुत ज्यादा उत्साहित हो जाते थे।

चंकी ने डेविड की तारीफ करते हुए कहा कि उनके साथ काम करना उनके लिए हमेशा खास रहा है। उन्होंने डेविड धवन को उन सबसे अच्छे निर्देशकों में से एक बताया, जिनके साथ उन्होंने काम किया है। चंकी ने यह भी बताया कि डेविड पहले एडिटर रह चुके थे और इसका फायदा उनकी फिल्मों की शूटिंग में साफ नजर आता था।

अभिनेता के मुताबिक, डेविड धवन के लिए शूटिंग के दौरान ही फिल्म की एडिटिंग भी जैसे उनके दिमाग में चलती रहती थी। उन्हें पहले से पता होता था कि किसी सीन को किस तरह रखना है और उसका असर दर्शकों पर कैसा होना चाहिए। यही वजह थी कि वह शूटिंग के दौरान ही कई चीजों को तय कर लेते थे।

चंकी की इस बात में अभिनेत्री करिश्मा कपूर ने भी अपनी बात जोड़ी। उन्होंने बताया कि डेविड धवन के दिमाग में पूरा सीन पहले से चलता रहता था। खासकर कॉमेडी सीन को लेकर वह अपने दिमाग में ही उसकी एडिटिंग कर लेते थे। करिश्मा के मुताबिक, यही उनकी खासियत थी और शायद यही वजह है कि डेविड कॉमेडी फिल्मों के मामले में इतने सफल रहे हैं।

डेविड धवन और चंकी पांडे ने कई फिल्मों में साथ काम किया है। दोनों की जोड़ी साल 1993 में आई फिल्म 'आंखें' में भी नजर आई थी। इस फिल्म में गोविंदा और चंकी पांडे अहम भूमिकाओं में थे। इसके अलावा दोनों ने 2011 में आई फिल्म 'रास्कल्स' में भी साथ काम किया। अब दोनों का यह पेशेवर रिश्ता डेविड की आने वाली फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' तक पहुंच गया है।

डेविड धवन और गोविंदा की जोड़ी के साथ करिश्मा कपूर का साथ भी 1990 के दशक की कई यादगार कॉमेडी फिल्मों में देखने को मिला था। तीनों ने 'राजा बाबू', 'कुली नंबर 1', 'साजन चले ससुराल', 'हीरो नंबर 1' और 'हसीना मान जाएगी' जैसी फिल्मों में दर्शकों को खूब हंसाया। इन फिल्मों ने डेविड धवन की खास कॉमेडी शैली को और मजबूत बनाया।

डेविड धवन की आने वाली फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' में उनके बेटे वरुण धवन के साथ मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े नजर आएंगी। डेविड पहले ही कह चुके हैं कि यह फिल्म उनके निर्देशन करियर की आखिरी फिल्म होगी। ऐसे में चंकी पांडे का उनके साथ काम करने का यह पुराना किस्सा उनके लंबे फिल्मी सफर और सिनेमा के प्रति उनके जुनून की एक झलक देता है।

--आईएएनएस

पीके/एएस