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दुनिया हमारे अतीत से सीखती है, फिर भी शर्मिंदा करती है; भारतीयों को लेकर बनी धारणाओं पर अनुपम खेर ने कसा तंज

 

मुंबई, 19 जून (आईएएनएस)। अभिनेता अनुपम खेर ने एक वीडियो साझा कर भारत और भारतीयों को लेकर देश-विदेश में प्रचलित रूढ़ियों (स्टीरियोटाइप) और गलत धारणाओं पर अपनी बात रखी। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक विरासत, उपलब्धियों और वैश्विक योगदान को रेखांकित करते हुए कई आम धारणाओं का जवाब दिया।

अभिनेता कहते हैं, "मैं एक भारतीय हूं और हर कोई कहता है कि मुझमें सिविक सेंस की कमी है। वे लोग चैंपियनशिप जीतने के बाद कारें पलट सकते हैं, सड़कों पर आग लगा सकते हैं और पूरे शहर में तोड़फोड़ कर सकते हैं, लेकिन जब मैं अपनी पहली विदेश यात्रा की खुशी में एयरपोर्ट पर नाचता हूं, तो अचानक खराब सिविक सेंस का चेहरा मैं बन जाता हूं।"

उन्होंने आगे कहा, "मैं एक भारतीय हूं और हर कोई कहता है कि मैं नौकरियां छीनता हूं। वे अपनी फैक्ट्रियां दूसरे देशों में ले जाते हैं, टैक्स बचाने के लिए मुनाफा इधर-उधर करते हैं और रातोंरात पूरी इंडस्ट्री को ऑटोमेट कर देते हैं। मैं पढ़ाई करता हूं, प्रतियोगिता में सफल होता हूं, वीजा हासिल करता हूं, 18 घंटे काम करता हूं, कई बार एक साथ कई नौकरियां करता हूं और फिर भी कहा जाता है कि मैं नौकरियां चुरा रहा हूं और व्यवस्था के साथ धोखा कर रहा हूं।"

अनुपम खेर ने कहा, "मैं एक भारतीय हूं और लोग कहते हैं कि मैं हर जगह हूं। मैं आपका सॉफ्टवेयर बनाता हूं, आपकी बीमारी का इलाज करता हूं, आपके बच्चों को पढ़ाता हूं, आपकी टैक्सी चलाता हूं और आपकी दुकानें खोलता हूं। फिर भी मेरी मौजूदगी लोगों को समस्या लगती है।"

उन्होंने कहा, "लोग कहते हैं कि मैं बहुत शोर करता हूं। शाम की खबरें गुस्से से भरी होती हैं, राजनीतिक रैलियां पूरे शहर को हिला देती हैं और इंटरनेट दिन-रात नाराजगी से गूंजता रहता है। लेकिन जब मैं किसी शादी, त्योहार या जीत का जश्न मनाता हूं, तो कहा जाता है कि मेरी खुशी बहुत शोर मचाती है।"

अभिनेता ने आगे कहा, "दुनिया बारूद, नफरत, विभाजन और जाति-धर्म की अंतहीन बहसों की गंध से भरी है। मैं अपनी दादी की रसोई से मसालों की खुशबू लेकर चलता हूं और किसी तरह वही लोगों को खलती है।"

संस्कृति पर बात करते हुए उन्होंने कहा, "लोग कहते हैं कि मेरे पास कोई संस्कृति नहीं है। मैं उस सभ्यता से आता हूं जिसने उस समय सितारों की गिनती की, जब दुनिया का बड़ा हिस्सा नक्शे बनाना सीख रहा था। मैं उन भाषाओं में बोलता हूं जो कई देशों से भी पुरानी हैं। मैं सैकड़ों परंपराओं का उत्सव मनाता हूं, फिर भी कहा जाता है कि मेरी कोई संस्कृति नहीं है।"

उन्होंने कहा, "मैं एक भारतीय हूं और लोग कहते हैं कि मैं सेलिब्रिटीज की पूजा करता हूं। मैं अपने पसंदीदा कलाकारों की सफलता का फूलों और संगीत के साथ जश्न मनाता हूं, लेकिन सुर्खियां मेरी खुशी बन जाती हैं। लोग कहते हैं कि मैं भीड़ इकट्ठा करता हूं। हम अपनी आस्था, संस्कृति और परंपराओं का जश्न मनाने के लिए एक साथ चलते हैं। हर किसी का स्वागत है। हम गाते हैं, नाचते हैं, प्रार्थना करते हैं और फिर भी हमारी भीड़ को समस्या बना दिया जाता है।"

वीडियो में उन्होंने आगे कहा, "लोग कहते हैं कि मैं अतीत में जीता हूं, लेकिन मेरे अतीत ने दुनिया को योग, गणित, दर्शन, ध्यान और 'वसुधैव कुटुंबकम्' का विचार दिया। भविष्य बार-बार मेरे अतीत से सीखता है और फिर भी मुझे उसी पर शर्मिंदा होने के लिए कहता है।"

अनुपम खेर ने इंस्टाग्राम पर लिखा, यह वीडियो लंबा है, लेकिन इसे जरूर देखें और साझा करें। कुछ दिन पहले मुझे वाट्सऐप पर एक संदेश मिला। मैंने उसे पढ़ा, मुस्कुराया और अलग रख दिया, लेकिन फिर दोबारा पढ़ा और उसमें लिखी कई बातें मेरे दिल को छू गईं। इससे मुझे एहसास हुआ कि पश्चिमी देशों में हमारे बारे में कितनी आसानी से धारणाएं बना ली जाती हैं और वे हमारी वास्तविक पहचान को कितनी बार समझने में चूक जाती हैं। इसी ने मुझे यह वीडियो बनाने के लिए प्रेरित किया।"

उन्होंने आगे लिखा, "यह वीडियो किसी को कुछ साबित करने के लिए नहीं, बल्कि खुद को एक महत्वपूर्ण बात याद दिलाने के लिए है। हम भारतीय बेहद अलग-अलग हैं। हम विविध हैं, कभी-कभी विरोधाभासी हैं, भावुक हैं, मजबूत हैं, अव्यवस्थित भी हैं, दयालु भी हैं और एक अदृश्य धागे से जुड़े हुए हैं। इसलिए यह वीडियो भारतीय होने की भावना का एक छोटा-सा उत्सव है।"

पोस्ट के अंत में अनुपम खेर ने लिखा, "यह हम सभी के नाम। इसे देखिए, मुस्कुराइए, सोचिए और शायद भारतीय होने पर थोड़ा गर्व महसूस कीजिए।

--आईएएनएस

एसएके/वीसी