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श्रीदेवी की सादगी के कायल आदिल हुसैन, बोले- 'इतनी बड़ी स्टार होकर भी हर सीन पर सुझाव लेती थीं'

 

मुंबई, 16 जून (आईएएनएस)। दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी ने अपनी खूबसूरती और दमदार अभिनय के दम पर करोड़ों फैंस के दिलों पर राज किया। उनकी लोकप्रियता न सिर्फ देश, बल्कि विदेशों में भी थी, लेकिन इसके बावजूद उनका व्यवहार हमेशा सादगी से भरा रहा। अभिनेता आदिल हुसैन ने आईएएनएस से श्रीदेवी के साथ काम करने के अपने अनुभव साझा किए।

उन्होंने बताया कि इतने बड़े मुकाम पर पहुंचने के बाद भी उनका व्यवहार बेहद सहज था और यही बात उन्हें सबसे अलग बनाती थी।

दरअसल, आदिल हुसैन की फिल्म '52 ब्लू' जल्द ही लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल में दिखाई जाएगी, जिसका आयोजन लंदन में 9 जुलाई से 19 जुलाई तक होगा। इसी दौरान उन्होंने अपने फिल्मी सफर को याद करते हुए श्रीदेवी के साथ काम करने के अनुभव पर बात की।

आईएएनएस से बात करते हुए आदिल ने कहा, '''इंग्लिश विंग्लिश' मेरी तीसरी हिंदी फिल्म थी। उस समय मैं हिंदी सिनेमा में नया था और करियर को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा था। ऐसे में श्रीदेवी जैसी दिग्गज अभिनेत्री के साथ काम करने का अवसर मिलना किसी बड़े सपने के सच होने जैसा था।''

आदिल ने कहा, ''उस समय तक श्रीदेवी करीब 300 फिल्मों में काम कर चुकी थीं और उनकी पहचान एक सुपरस्टार के रूप में थी। इसके बावजूद उन्होंने कभी अपने स्टारडम का अहंकार नहीं दिखाया। उनकी सबसे खूबसूरत याद उनकी विनम्रता है। सीन की शूटिंग के दौरान श्रीदेवी अक्सर चर्चा करती थीं। अगर उन्हें कोई आइडिया आता था तो वह उसे साझा करती थीं और फिर दूसरों से राय मांगती थीं। कई बार मैंने भी सुझाव दिए थे, जिनको श्रीदेवी ने बड़े ही ध्यान से सुना।''

आदिल हुसैन ने कहा, ''श्रीदेवी हमेशा नए विचारों के लिए तैयार रहती थीं। वह मानती थीं कि एक अच्छा सीन टीम के सामूहिक प्रयास से बनता है। यह अनुभव मेरे लिए इसलिए भी खास था, क्योंकि एक नए अभिनेता के तौर पर मैंने कभी उम्मीद नहीं की थी कि इतनी बड़ी कलाकार मेरे सुझावों को इतनी अहमियत देंगी। उन्हें यही गुण बाकी कलाकारों से अलग बनाता था।''

बातचीत के दौरान आदिल ने फिल्म इंडस्ट्री के काम करने के तरीके पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, ''फिल्म जगत में अक्सर बड़े सितारों और नए कलाकारों के बीच एक दूरी देखने को मिलती रहती है। कई बार नए कलाकार अपनी बात खुलकर नहीं रख पाते और उन्हें केवल निर्देशों का पालन करने तक सीमित रहना पड़ता है। लेकिन, ऐसा हर जगह नहीं होता। श्रीदेवी इस सोच से बिल्कुल अलग थीं। उन्होंने मुझे कभी यह महसूस नहीं होने दिया कि मैं इंडस्ट्री में नया हूं। इसके बजाय उन्होंने हमेशा बराबरी का सम्मान दिया।''

--आईएएनएस

पीके/एबीएम