Haivan Movie Review: अक्षय कुमार का खौफ और सैफ अली खान की जंग, कैसी है प्रियदर्शन की नई फिल्म?
प्रियदर्शन अपनी फिल्मों में कॉमेडी, सस्पेंस और थ्रिल का अलग अंदाज पेश करने के लिए जाने जाते हैं। इस बार उन्होंने हॉरर-कॉमेडी से अलग हटकर क्राइम थ्रिलर की दुनिया में कदम रखा है। फिल्म का नाम है 'हैवान', जिसमें अक्षय कुमार और सैफ अली खान पहली बार एक बिल्कुल अलग तरह के किरदारों में नजर आते हैं।
फिल्म में जबरदस्त मारधाड़ जरूर है, लेकिन इसे बेवजह खून-खराबे से नहीं भरा गया है। प्रियदर्शन ने एक्शन को कहानी के हिसाब से इस्तेमाल किया है। सबसे बड़ी खासियत यह है कि फिल्म जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, रहस्य की परतें खुलती जाती हैं और दर्शक जानना चाहता है कि आखिर असली खेल क्या है।
Haivan की कहानी में क्या है खास?
फिल्म की कहानी मुख्य रूप से तीन किरदारों के आसपास घूमती है- श्याम, नंदिनी और परशुराम। सैफ अली खान ने श्याम का किरदार निभाया है, जबकि अक्षय कुमार फिल्म में परशुराम के रूप में दिखाई देते हैं।
श्याम अपनी आंखों से देख नहीं सकता, लेकिन उसकी दूसरी क्षमताएं उसे बेहद खास बनाती हैं। वह मार्शल आर्ट्स में माहिर है और संगीत की भी अच्छी समझ रखता है। आंखों की रोशनी न होने के बावजूद वह परिस्थितियों को समझने और लोगों को पहचानने में काफी तेज है।
दूसरी तरफ परशुराम का किरदार फिल्म का सबसे खतरनाक चेहरा है। उसका निशाना नंदिनी है और वह उसे खत्म करना चाहता है। श्याम नंदिनी को बचाने की कोशिश करता है, लेकिन इसी संघर्ष के बीच उसकी अपनी जिंदगी भी मुश्किलों में घिरती जाती है।
श्याम के सामने परिवार की जिम्मेदारियां हैं। बहन की शादी और कर्ज जैसी परेशानियां पहले से उसकी जिंदगी का हिस्सा हैं। ऐसे में नंदिनी और परशुराम के बीच चल रही दुश्मनी उसकी जिंदगी को और उलझा देती है।
फिल्म की कहानी में कई सवाल धीरे-धीरे सामने आते हैं और उनके जवाब भी कहानी के साथ खुलते जाते हैं। यही चीज दर्शकों को अंत तक बांधे रखने में काम करती है।
Saif Ali Khan ने जीता दिल
सैफ अली खान का श्याम वाला किरदार फिल्म की सबसे बड़ी खूबियों में से एक है। एक ऐसे व्यक्ति की भूमिका निभाना जो देख नहीं सकता, लेकिन फिर भी परिस्थितियों से लड़ता है, आसान नहीं था।
सैफ ने इस किरदार में सिर्फ एक्शन ही नहीं किया बल्कि उसके भावनात्मक पक्ष को भी अच्छी तरह पेश किया है। संगीत, परिवार और जिम्मेदारियों के बीच उनका किरदार लगातार संघर्ष करता दिखाई देता है।
खास बात यह है कि श्याम अपनी कमजोरी को अपनी ताकत में बदलता नजर आता है। सैफ की एक्टिंग फिल्म को भावनात्मक आधार देती है और उनके एक्शन सीक्वेंस भी कहानी का हिस्सा महसूस होते हैं।
Akshay Kumar का अलग अंदाज
अक्षय कुमार को इससे पहले भी निगेटिव रोल में देखा जा चुका है, लेकिन 'हैवान' का परशुराम उनके करियर के अलग तरह के किरदारों में शामिल हो सकता है।
अक्षय ने इस किरदार को सिर्फ गुस्से या मारधाड़ तक सीमित नहीं रखा है। उनके चेहरे के एक्सप्रेशन, बॉडी लैंग्वेज और स्क्रीन प्रेजेंस कई मौकों पर किरदार को डरावना बनाते हैं।
विलेन तभी प्रभावी लगता है जब दर्शक उसके किरदार से डरने या उससे नफरत करने लगे। फिल्म में कुछ ऐसे पल आते हैं जहां परशुराम का खौफ साफ महसूस होता है। अक्षय ने इस निगेटिव किरदार को काफी गंभीरता से निभाया है।
Supporting Cast भी मजबूत
फिल्म में बाकी कलाकारों ने भी कहानी को सपोर्ट किया है। असरानी अपनी मौजूदगी से खास प्रभाव छोड़ते हैं और उनकी कॉमिक टाइमिंग कई सीन्स को हल्का बनाती है।
इसके अलावा राजपाल यादव और श्रिया पिलगांवकर भी फिल्म का हिस्सा हैं। सहायक कलाकारों की वजह से कहानी में अलग-अलग रंग देखने को मिलते हैं।
Direction और Screenplay की खासियत
प्रियदर्शन ने इस बार अपने पुराने जोनर से बाहर निकलकर एक गंभीर क्राइम थ्रिलर तैयार करने की कोशिश की है। फिल्म का स्क्रीनप्ले कहानी को ज्यादा भटकने नहीं देता और रहस्य को धीरे-धीरे सामने लाता है।
पहले हिस्से में कहानी काफी हद तक सैफ अली खान के किरदार के इर्द-गिर्द रहती है, जबकि दूसरे हिस्से में अक्षय और सैफ के बीच टकराव कहानी को आगे बढ़ाता है।
क्लाइमैक्स फिल्म का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे इस तरह तैयार किया गया है कि दर्शक आखिरी हिस्से तक कहानी से जुड़े रहते हैं। हालांकि, फिल्म की एंडिंग कुछ दर्शकों को थोड़ी कमजोर लग सकती है, लेकिन उससे पहले तैयार किया गया सस्पेंस और क्लाइमैक्स इस कमी को काफी हद तक संभाल लेते हैं।
Music ने बढ़ाया Suspense
फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक इसके माहौल को मजबूत करता है। खासकर अक्षय कुमार की एंट्री और उनके किरदार से जुड़े दृश्यों में इस्तेमाल किया गया म्यूजिक सस्पेंस और डर को बढ़ाता है।
फिल्म में 'रंगियारा', 'मेरे हीरो हैं वो' और 'परांदा मार के' जैसे गाने हैं। अगर आपको 90s के दौर की मेलोडी पसंद है तो फिल्म का म्यूजिक आपको पसंद आ सकता है।
Haivan Movie Review: देखें या नहीं?
कुल मिलाकर 'हैवान' एक ऐसी क्राइम थ्रिलर है जो सस्पेंस, एक्शन और इमोशन को साथ लेकर चलती है। सैफ अली खान का ब्लाइंड कैरेक्टर और अक्षय कुमार का निगेटिव रोल फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी हैं।
फिल्म में कुछ जगहों पर कमियां जरूर हैं, खासकर अंत को लेकर दर्शकों की राय अलग हो सकती है। इसके बावजूद प्रियदर्शन का निर्देशन, मजबूत एक्टिंग, बैकग्राउंड म्यूजिक और लगातार बना रहने वाला सस्पेंस इसे वन-टाइम वॉच और एंटरटेनिंग फिल्म बनाते हैं।