ग्वालियर में मोहम्मद गौस की मजार पर पहुंचे रजा मुराद, तस्वीर साझा कर खासियत का किया जिक्र
मुंबई, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। फिल्मों में अपने दमदार अभिनय और भारी आवाज से अलग पहचान बनाने वाले अभिनेता रजा मुराद अक्सर अपनी फिल्मों और निजी जिंदगी से जुड़ी बातों को लेकर चर्चा में रहते हैं। फिल्मों में उन्होंने कभी खलनायक बनकर दर्शकों को डराया, तो कभी अपने अभिनय से किरदारों में जान डाल दी। इस बार अभिनेता ग्वालियर की एक ऐतिहासिक और धार्मिक जगह पर जाने को लेकर चर्चा में हैं। दरअसल, वह मोहम्मद गौस की मजार पर गए और वहां से सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा की।
रजा मुराद ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर मोहम्मद गौस की मजार के बाहर खिंचवाई गई एक तस्वीर पोस्ट की। यह मजार मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्थित है। तस्वीर के साथ में अभिनेता ने बताया कि वह मोहम्मद गौस की मजार पर गए थे। उन्होंने कैप्शन में लिखा, ''मोहम्मद गौस की मजार पर गया, जो एक पीर थे। वह अपनी दुआओं और आशीर्वाद से लोगों के दुख दूर करने और उनकी जरूरतें पूरी करने के लिए अपनी दिव्य शक्ति से आशीर्वाद देते थे। यह मजार ग्वालियर के बीचों-बीच है।''
बता दें कि ग्वालियर स्थित मोहम्मद गौस की मजार अपने ऐतिहासिक महत्व और खूबसूरत वास्तुकला के लिए भी जानी जाती है। यहां पत्थरों पर बारीक नक्काशी देखने को मिलती हैं। यह इमारत मुगलकालीन स्थापत्य कला की खास मिसाल मानी जाती है। मोहम्मद गौस सोलहवीं सदी के सूफी संत थे। इसी परिसर में महान संगीतकार तानसेन की समाधि भी है। तानसेन अकबर के दरबार के प्रसिद्ध संगीतकारों में शामिल थे। इस वजह से यह जगह धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारतीय संगीत और इतिहास से भी जुड़ी हुई है।
बात करें अगर रजा मुराद की, जो उन्होंने अपने लंबे करियर में 250 से ज्यादा हिंदी फिल्मों में काम किया। वह हिंदी के अलावा पंजाबी, तेलुगु और दूसरी भाषाओं की फिल्मों का भी हिस्सा रहे। पर्दे पर उन्हें ज्यादातर खलनायक किरदारों से पहचान मिली। 'नमक हराम', 'प्रेम रोग', 'राम तेरी गंगा मैली', 'खुद्दार', 'राम लखन', 'त्रिदेव', 'आंखें', 'मोहरा' और 'गुप्त' जैसी फिल्मों में उनका अभिनय आज भी लोगों के बीच याद किया जाता है। संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' में उन्होंने जलालुद्दीन खिलजी का किरदार निभाया था। फिल्मों के अलावा वह छोटे पर्दे पर भी काम कर चुके हैं।
--आईएएनएस
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