मुश्ताक खान के अंतिम संस्कार में पहुंचे कम सितारे: रजा मुराद का बॉलीवुड स्टार्स पर फूटा गुस्सा, दिया कड़ा बयान
दिग्गज अभिनेता मुश्ताक खान के निधन के बाद फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। अभिनेता ने मुंबई के नानावटी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर के बाद बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री से जुड़े कई कलाकार और साथी उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे।हालांकि, अभिनेता रजा मुराद ने कुछ बड़े सितारों के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होने पर दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर कहा कि मुश्ताक खान ने अपनी जिंदगी के करीब पांच दशक फिल्म इंडस्ट्री को दिए, लेकिन उनके अंतिम सफर में कई बड़े कलाकार नजर नहीं आए।रजा मुराद ने कहा कि उन्हें इस बात का अफसोस है कि जिन कलाकारों के साथ मुश्ताक खान ने काम किया, उनमें से कुछ बड़े नाम उनके आखिरी सलाम के लिए नहीं पहुंच पाए। उन्होंने इसी बात की तुलना बड़े उद्योगपतियों के कार्यक्रमों से करते हुए कहा कि सितारे वहां बड़ी संख्या में पहुंचते हैं, लेकिन अपने साथी कलाकार के अंतिम समय में समय निकालना भी जरूरी है।
‘शोहरत और दौलत हमेशा नहीं रहती’
रजा मुराद ने अपने वीडियो में कलाकारों को याद दिलाया कि शोहरत, दौलत और प्रसिद्धि हमेशा एक जैसी नहीं रहती। उन्होंने कहा कि इंसान के जाने के बाद उसकी पहचान उसके व्यवहार और लोगों के साथ उसके रिश्तों से होती है।
उन्होंने मुश्ताक खान की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर इंडस्ट्री में पहचान बनाई और अपने काम के लिए जाने गए। रजा मुराद के मुताबिक, मुश्ताक खान ने अपनी जिंदगी में कभी किसी की चापलूसी या खुशामद पर अपना करियर निर्भर नहीं किया।
रजा मुराद ने यह भी कहा कि मुश्ताक खान ने इंडस्ट्री के लगभग हर बड़े कलाकार के साथ काम किया था। ऐसे में उनके अंतिम समय में साथी कलाकारों की मौजूदगी उनके लिए सम्मान की बात होती।
गजेंद्र चौहान ने सुनाया भावुक किस्सा
मुश्ताक खान को याद करते हुए अभिनेता गजेंद्र चौहान ने भी एक भावुक घटना साझा की। उन्होंने बताया कि करीब छह महीने पहले एक अवॉर्ड समारोह में उनकी मुश्ताक खान से मुलाकात हुई थी।
गजेंद्र चौहान के मुताबिक, उस मुलाकात में मुश्ताक खान ने उन्हें गले लगाया और कहा था कि एक बार जोर से गले मिलो, पता नहीं फिर कब मिलना हो। उस समय गजेंद्र चौहान इस बात का मतलब नहीं समझ पाए थे।
लेकिन मुश्ताक खान के निधन के बाद उन्हें वही बात बार-बार याद आ रही है। गजेंद्र चौहान ने कहा कि अब उन्हें लगता है कि शायद मुश्ताक खान को अपनी बीमारी की गंभीरता का अंदाजा था और उन्हें अपनी स्थिति का एहसास हो गया था।
मुश्ताक खान के निधन से उनके परिवार, दोस्तों और फिल्म इंडस्ट्री में उनके साथ काम कर चुके कलाकारों के बीच शोक का माहौल है। वहीं, रजा मुराद का बयान एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि लंबे समय तक इंडस्ट्री का हिस्सा रहे कलाकारों के प्रति साथी कलाकारों की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता कैसी होनी चाहिए।