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'फैशन नहीं, कंफर्ट है सबसे जरूरी', 'अनुपमा' की स्टारकास्ट ने बताए फैशन के मायने

 

मुंबई, 1 जून (आईएएनएस)। स्टार प्लस के विशेष कार्यक्रम ‘फैशन के रंग, रिश्तों के संग’ में टीवी शो ‘अनुपमा’ की स्टारकास्ट ने देश की विविध संस्कृतियों और परंपराओं को खास अंदाज में प्रस्तुत किया। इस दौरान शो की अभिनेत्री रुपाली गांगुली, अद्रिजा रॉय और नेहा ने फैशन, स्टाइल, सोशल मीडिया के प्रभाव और किफायती फैशन को लेकर अपनी राय रखी। इनका मानना है कि फैशन का सबसे बड़ा आधार आत्मविश्वास और सहजता है, न कि महंगे कपड़े या बदलते ट्रेंड्स।

अभिनेत्री रुपाली गांगुली ने अपने किरदार अनुपमा से जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि मैं खुद को किसी एक राज्य तक सीमित नहीं मानती। मेरे मुताबिक, अनुपमा पूरे देश की महिलाओं का प्रतिनिधित्व करती हैं, और यही पहचान उसे सबसे ज्यादा प्रिय है। मैं जहां भी जाती हूं, लोग मुझे अनुपमा के रूप में ही देखते हैं, और यही मेरे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है।

फैशन को लेकर पूछे गए सवाल पर रुपाली ने कहा कि उन्होंने कभी फैशन को बहुत गंभीरता से नहीं लिया। उनके अनुसार, किसी भी व्यक्ति के लिए सबसे बड़ा फैशन उसका आत्मविश्वास और सहजता होती है। उन्होंने कहा कि कपड़े वही अच्छे लगते हैं, जिनमें व्यक्ति खुद को सहज महसूस करे। रुपाली ने यह भी कहा कि टेलीविजन इंडस्ट्री में कई कलाकार साड़ी को बेहद खूबसूरती से कैरी करते हैं और उनके लिए यही स्टाइलिश होने की पहचान है।

सोशल मीडिया के दौर में फैशनेबल दिखने के दबाव पर रुपाली ने साफ कहा कि वह इस तरह का कोई दबाव महसूस नहीं करतीं। उन्होंने बताया कि स्टाइलिस्ट की मदद से वह अपने लिए उपयुक्त परिधान चुनती हैं और केवल इस बात का ध्यान रखती हैं कि वह उनमें सहज महसूस करें। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि केवल सेलिब्रिटीज को देखकर महंगे कपड़ों पर खर्च नहीं करना चाहिए। उनकी राय में पुराने कपड़ों का दोबारा इस्तेमाल और उन्हें नए अंदाज में पहनना बेहतर विकल्प है।

इवेंट में अभिनेत्री नेहा ने महाराष्ट्र की संस्कृति का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने पारंपरिक पैठणी कला से प्रेरित इंडो-वेस्टर्न परिधान पहना था, जिसमें आधुनिक और पारंपरिक दोनों तत्वों का मेल दिखाई दिया। नेहा ने बताया कि उनके लुक को खास बनाने के लिए मराठी आभूषण, गजरा और पारंपरिक डिजाइनों का इस्तेमाल किया गया था।

फैशन को लेकर अपनी सोच साझा करते हुए नेहा ने कहा कि स्टाइल का मतलब केवल ट्रेंड्स को देखना नहीं होता है। मेरे हिसाब से कोई भी परिधान तभी आकर्षक लगता है जब उसे पहनने वाला व्यक्ति उसमें सहज और आत्मविश्वास से भरा हो। किसी डिजाइनर के बनाए कपड़े पहन लेना ही फैशन नहीं है, बल्कि उसे अपने व्यक्तित्व के अनुसार प्रस्तुत करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

नेहा ने बदलते फैशन ट्रेंड्स पर भी बात की। उन्होंने कहा कि फैशन समय के साथ बदलता रहता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर नए ट्रेंड के साथ अपनी पूरी अलमारी बदल दी जाए। उन्होंने टिकाऊ फैशन को बढ़ावा देने की बात कही और कहा कि पुराने कपड़ों को नए अंदाज में पहनकर भी स्टाइलिश दिखा जा सकता है।

वहीं, अभिनेत्री अद्रिजा रॉय ने कार्यक्रम में गुजरात की संस्कृति का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने बताया कि उनके परिधान को तैयार करने में डिजाइनर ने काफी मेहनत की और गुजरात की पारंपरिक झलक को बारीकी से उकेरा है। अद्रिजा ने कहा, किसी संस्कृति का प्रतिनिधित्व केवल शब्दों से नहीं, बल्कि उसकी पहचान को सही तरीके से प्रस्तुत करने से होता है।

फैशन इंडस्ट्री में अपने पसंदीदा कलाकारों के बारे में बात करते हुए अद्रिजा ने अभिनेत्री जेनिफर विंगेट की तारीफ की। उन्होंने कहा कि जेनिफर का सादगी भरा और संतुलित स्टाइल उन्हें बेहद पसंद है। सोशल मीडिया के प्रभाव पर अद्रिजा ने माना कि आज कलाकारों के लिए सोशल मीडिया महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बन चुका है, लेकिन इसके बावजूद वह खुद पर ज्यादा दबाव नहीं लेतीं।

उन्होंने कहा कि फैशन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा कंफर्ट महसूस करना है। खासकर गर्मियों में ऐसे कपड़े पहनने चाहिए जिनमें व्यक्ति सहज रहे। उनके अनुसार, स्टाइल केवल कपड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि व्यक्ति अपने पूरे व्यक्तित्व को किस तरह प्रस्तुत करता है।

--आईएएनएस

एमटी/डीकेपी