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पुलकित सम्राट ने रातों-रात किया दिल्ली से मुंबई का सफर, अभिनेता ने बताया पूरा किस्सा

 

मुंबई, 5 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय टेलीविजन और सिनेमा की दुनिया में बहुत कम कलाकार ऐसे होते हैं, जिन्हें एक ही मौके में पहचान, नाम और मुकाम मिल जाता है। पुलकित सम्राट उन्हीं चुनिंदा नामों में से एक हैं। आज वह एक सफल अभिनेता हैं। बहुत कम लोग जानते हैं कि उनका यह सफर एक ऐसे ऑडिशन से शुरू हुआ था, जिसे वे खुद करना नहीं चाहते थे। लेकिन कहते हैं न, किस्मत जब मेहरबान होती है, तो इंसान की झिझक भी रास्ता बन जाती है।

पुलकित सम्राट ने बताया, ''मैं शुरू से खुद को अलग तरह के कलाकार के रूप में देखना चाहता था। मेरा सपना था कि मैं ऐसे किरदार निभाऊं, जिनमें गहराई हो, कुछ नया हो और जो मुझे भीड़ से अलग पहचान दिलाएं। इसी वजह से मैं टीवी के डेली सोप से दूरी बनाकर रखना चाहता था। मुझे लगता था कि टीवी के ज्यादातर शो एक ही तरह की कहानियों तक सीमित रहते हैं। ऐसे में जब एक टीवी ऑडिशन का ऑफर मेरे पास आया, तो मैंने पहले साफ मना कर दिया। लेकिन, कास्टिंग टीम ने समझाया कि यह किरदार बाकी रोल्स से अलग है और इसमें कुछ खास करने का मौका मिलेगा।''

उन्होंने कहा, ''मेरे लिए सबसे बड़ी बात यह थी कि इस प्रोजेक्ट के जरिए मुझे एकता कपूर से मिलने का मौका मिल रहा था। यही एक वजह थी, जिसने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया। थोड़ी हिचकिचाहट और बहुत सारे सवालों के साथ मैंने फैसला किया कि मैं मुंबई जाकर एक बार कोशिश जरूर करुंगा। बिना ज्यादा प्लानिंग के मैं रातों-रात दिल्ली से मुंबई आ गया। उस वक्त मुझे खुद नहीं पता था कि यह सफर मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ बनने वाला है।''

पुलकित ने कहा, ''दिलचस्प बात यह है कि एकता कपूर पहले ही मेरी तस्वीरें देख चुकी थीं। जब उनसे मुलाकात हुई, तो उन्हें तुरंत एहसास हुआ कि यही चेहरा उनके मशहूर सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' के लिए बिल्कुल सही है। मुंबई पहुंचते ही मेरी तैयारी शुरू हो गई। मेरा लुक बदला गया, नया हेयरकट दिया गया, और स्क्रीन टेस्ट हुआ। टेस्ट की रिकॉर्डिंग देखने के बाद एकता कपूर ने बिना किसी देरी के फैसला सुना दिया। बस इतना कहा गया कि सब ठीक है और रोल फाइनल है। इसी पल से मेरी जिंदगी ने नई दिशा पकड़ ली।''

उन्होंने कहा, ''इस बड़ी कामयाबी के बीच एक भावनात्मक पल भी आया। मैं अपने परिवार को बिना बताए दिल्ली से मुंबई चला आया था। मुझे अपने माता-पिता की बहुत याद आ रही थी। कामयाबी की खुशी और परिवार से दूर होने का दर्द, दोनों एक साथ चल रहे थे। मैंने पीठ दर्द का बहाना बनाकर एक रात के लिए दिल्ली जाने की इजाजत ली और अपने माता-पिता से मिलने पहुंच गया। एयरपोर्ट पर मुझे देखते ही उनकी आंखें भर आईं। बिना ज्यादा बोले वे बस मेरे गले लग गए। उस मुलाकात ने मुझे अंदर से और मजबूत बना दिया।''

गौरतलब है कि 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में पुलकित की एंट्री बेहद खास रही। शो में जेनरेशन लीप के साथ उन्हें लॉन्च किया गया और एक खास गीत के जरिए दर्शकों से मिलवाया गया था। बहुत कम टीवी किरदारों को ऐसा मौका मिलता है। देखते ही देखते वे घर-घर में पहचाने जाने लगे। इस पर पुलकित कहते हैं कि उस एक मौके ने उन्हें रातों-रात पहचान दिला दी और इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

--आईएएनएस

पीके/एबीएम