दिल्ली हादसे पर सोनू सूद ने सरकार को दी नसीहत, बोले- 31 में से सिर्फ 1 छात्र को मिलता है हॉस्टल
मुंबई, 8 सितंबर (आईएएनएस)। अभिनेता सोनू सूद सामाजिक कार्य करने के साथ-साथ देश के बड़े मुद्दों पर अपनी राय रखने से पीछे नहीं हटते हैं। मंगलवार को उन्होंने दिल्ली में हुए हादसे को लेकर अपनी राय रखी। साथ ही, सरकार को थोड़ा बदलाव लाने की सलाह दी।
अभिनेता ने इंस्टाग्राम सेक्शन पर एक नोट शेयर किया, जिसमें उन्होंने बच्चों के सपने पूरे करने और उनकी जिंदगी सुरक्षित रखने के लिए सरकार को नीति में बदलाव लाने की बात की। उनका मानना है कि थोड़ा बदलाव न सिर्फ बच्चों की जान बचा सकता है, बल्कि उनके सपने पूरे करने में मदद भी कर सकता है।
उन्होंने अपनी बात को शुरू करने के लिए बच्चों की व्यथा पर जोर दिया। अभिनेता सोनू सूद ने लिखा, "हर साल लाखों छात्र अपने घर से दूर दूसरे शहर में सपने पूरे करने के लिए जाते है लेकिन क्या हम उन्हें रहने के लिए एक सुरक्षित जगह दे पा रहे हैं?दिल्ली में करीब 7 लाख छात्र पढ़ते हैं लेकिन हॉस्टल में सिर्फ 30,000 सीटें हैं। मतलब 31 में से सिर्फ 1 छात्र को ही हॉस्टल मिल पाता है।"
अभिनेता का मानना है कि यूनिवर्सिटी के आसपास जमीन पर हॉस्टल बनवाया जा सकता है। उन्होंने लिखा, "क्यों न यूनिवर्सिटी के आसपास जो सरकारी जमीन खाली पड़ी है, वहां सुरक्षित और सस्ते हॉस्टल बनाए जाएं? यूनिवर्सिटी को भी ज्यादा बिल्डिंग बनाने की इजाजत दी जाए ताकि कैंपस में ही ज्यादा हॉस्टल बन सकें।
उन्होंने लिखा, "इससे छात्रों को सुरक्षा, माता-पिता को सुकून मिलेगा, और यूनिवर्सिटी और सरकार को भी कमाई होगी और सबसे बड़ी बात, हम कई जिंदगियों को सुरक्षित रख पाएंगे।" अभिनेता का कहना है छोटा बदलाव लोगों की जिंदगी को सपनों को पूरा कर सकता है। उन्होंने लिखा, "कभी-कभी नीति में एक छोटा सा बदलाव किसी के सबसे बड़े सपने को बचा सकता है।"
दरअसल, दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार, 6 सितंबर 2026 की दोपहर को एक 5 मंजिला पुरानी इमारत (हॉस्टल/पीजी) ताश के पत्तों की तरह ढह गई, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
इस बड़ी लापरवाही के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जांच कराने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा, इलाके के अन्य खतरनाक और पुराने भवनों का स्ट्रक्चरल ऑडिट करने का निर्देश भी दिया गया है।
--आईएएनएस
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