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'दायरा' देखने पहुंचे दर्शकों ने बताया कैसा लगी फिल्म, बोले- 'ऐसी कहानी बनाने के लिए जिगरा चाहिए'

 

मुंबई, 18 सितंबर (आईएएनएस)। करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन की फिल्म 'दायरा' रिलीज हो चुकी है और फिल्म देखने के बाद दर्शक अपनी-अपनी राय साझा कर रहे हैं। सिनेमाघर से बाहर निकल रहे दर्शकों में किसी को करीना और पृथ्वीराज का अभिनय पसंद आया, तो किसी ने फिल्म की धीमी रफ्तार को लेकर अपनी बात रखी।

आईएएनएस से बात करते हुए एक दर्शक ने कहा, ''फिल्म में रेप के मुद्दे को प्रमुखता से दिखाया गया है और करीना कपूर खान ने अपने किरदार को अच्छी तरह निभाया है। पृथ्वीराज सुकुमारन ने भी शानदार काम किया है। हालांकि कहानी की रफ्तार काफी धीमी है। फिल्म को समझने के लिए दर्शकों को बहुत ज्यादा दिमाग लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। मुझे फिल्म का फर्स्ट हाफ तेज और सेकंड हाफ काफी धीमा लगा।''

इस दर्शक ने आगे कहा, ''इस तरह की फिल्म बनाने के लिए 'जिगरा' चाहिए होता है। मेघना गुलजार ने अपने निर्देशन से फिल्म में सस्पेंस को बनाए रखने की कोशिश की है। रेप जैसे मुद्दे पर पहले भी कई फिल्में बन चुकी हैं, लेकिन ऐसी कहानी कम देखने को मिलती है जिसमें रेप के साथ एनकाउंटर का मुद्दा भी हो और एक पुलिस अधिकारी दूसरे अधिकारी की कार्रवाई की जांच करता दिखाई दे।''

दूसरे दर्शक ने कहा, ''फिल्म में गानों की कमी महसूस हुई। फिल्म में सिर्फ एक गाना है, और अगर वह भी नहीं होता तो शायद बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। हालांकि मेरा मानना है कि गाने फिल्मों में जान डालते हैं, और अगर फिल्म में दो-तीन अच्छे गाने होते तो इसका असर और बढ़ सकता था।''

एक और दर्शक ने 'दायरा' को शानदार फिल्म बताते हुए मेघना गुलजार के निर्देशन की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ''ऐसी कहानी बहुत कम बनती है और इस तरह की फिल्मों पर ज्यादा काम होना चाहिए। रोमांटिक, एक्शन और कॉमेडी फिल्में तो लगातार बनती रहती हैं, लेकिन समाज से जुड़े मुद्दों पर संदेश देने वाली फिल्मों की संख्या कम हो गई है। ऐसी कहानियां दर्शकों के सामने आनी चाहिए।''

इस दर्शक ने आगे करीना कपूर खान के अभिनय की तारीफ करते हुए कहा, ''करीना ने काफी समय बाद पर्दे पर वापसी की है और इस फिल्म में उनका काम जबरदस्त है। इससे पहले ऐसा काम मैंने एक्ट्रेस तब्बू को 'दृश्यम' में करते देखा था। उसमें मुझे तब्बू का अभिनय काफी पसंद आया था। अब इसी तरह 'दायरा' देखने के बाद मैं करीना का भी फैन बन गया हूं। फिल्म का संगीत खास नहीं है, लेकिन कहानी इतनी मजबूत है कि दर्शकों का ध्यान म्यूजिक पर नहीं जाएगा।''

एक अन्य दर्शक ने फिल्म को सस्पेंस और क्राइम थ्रिलर बताया और कहा, ''मुझे यह फिल्म व्यक्तिगत तौर पर काफी पसंद आई। करीना कपूर खान और पृथ्वीराज की जोड़ी और पर्दे पर उनके बीच के सीन्स काफी प्रभावशाली लगे। करीना अपने किरदार में बेहद सहज लगीं और उन्होंने किरदार को पूरी गंभीरता के साथ निभाया। हालांकि फिल्म का क्लाइमेक्स और बेहतर बनाया जा सकता था, पर यह फिल्म मनोरंजन करने में कामयाब रही।''

एक अन्य दर्शक ने कहा, ''मेरे हिसाब से हर महिला और पुरुष को यह फिल्म देखनी चाहिए। रेप देश का गंभीर मुद्दा है और ऐसे विषयों पर और फिल्में बननी चाहिए। कुछ लोग करीना को लेकर 'कमबैक' शब्द के इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन करीना कहीं गई ही नहीं थीं, इसलिए इसे कमबैक कहना सही नहीं है। मेघना गुलजार का निर्देशन जबरदस्त था और फिल्म का संगीत भी मुझे काफी पसंद आया।''

कुछ दर्शकों ने फिल्म के संदेश को सबसे महत्वपूर्ण बताया। एक दर्शक ने कहा, ''फिल्म लोगों को यह संदेश देती है कि किसी पर भी भरोसा करने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। फिल्म में दिखाया गया है कि जल्दी भरोसा करने का नतीजा कितना गंभीर हो सकता है। कहानी लोगों को सावधान रहने का संदेश देती है। छोटी सी चूक पूरे परिवार की खुशियां छीन सकती है। करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन दोनों का अभिनय काबिले तारीफ था। अच्छे कलाकार किसी भी किरदार को संभाल सकते हैं। फिल्म की कहानी दर्शकों को अपने साथ जोड़े रखती है।''

--आईएएनएस

पीके/एएस