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कंगना रनोट से विवाद के बीच CJP प्रवक्ता सौरव दास का बयान, वीडियो में बोले- दोस्त ने कहा मैं यंग ऋतिक रोशन जैसा दिखता हूं

 

भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनोट के साथ चल रही बयानबाजी के बीच CJP प्रवक्ता सौरव दास ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कंगना के प्रति उनके मन में कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है और वह चाहते हैं कि किसी भी मतभेद का समाधान बातचीत के जरिए निकले। सौरव दास ने पत्रकार बरखा दत्त के कार्यक्रम 'द मोजो स्टोरी' में बातचीत के दौरान कहा कि देश में संवाद और बहस की संस्कृति कमजोर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक और वैचारिक मतभेदों को बातचीत के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए।

कंगना से बातचीत की अपील की थी: सौरव दास

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सौरव दास ने बताया कि उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए भी कंगना रनोट से शांति बनाए रखने और बैठकर बातचीत करने की अपील की थी। उनका कहना था कि किसी भी विवाद को बढ़ाने के बजाय चर्चा के जरिए समाधान निकालना बेहतर विकल्प है।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति होना स्वाभाविक है, लेकिन असहमति को व्यक्तिगत विवाद में बदलने से बचना चाहिए।

दोस्तों के मैसेज का किया जिक्र

बातचीत के दौरान सौरव दास ने अपने दोस्तों की प्रतिक्रियाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि विवाद के बाद उनके कुछ दोस्तों ने उन्हें मैसेज कर पूछा कि आखिर कंगना उनके पीछे क्यों पड़ी हैं।सौरव ने कहा कि उनके एक दोस्त ने मजाकिया अंदाज में उनसे कहा कि वह "थोड़ा-बहुत यंग ऋतिक रोशन जैसे दिखते हैं।" हालांकि, सौरव ने इस बात पर हैरानी जताई और इसे दोस्तों की हल्की-फुल्की टिप्पणी बताया।

ऋतिक-कंगना विवाद का भी रहा है संदर्भ

गौरतलब है कि अभिनेता ऋतिक रोशन और कंगना रनोट के बीच पुराना विवाद काफी चर्चा में रहा है। ऐसे में सौरव दास के इस बयान को उसी संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति पर निजी टिप्पणी करना नहीं है।

बयानबाजी के बीच बढ़ी राजनीतिक चर्चा

कंगना रनोट और CJP से जुड़े नेताओं के बीच जारी बयानबाजी को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज है। दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग मुद्दों पर प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं।सौरव दास ने अपने बयान में एक बार फिर संवाद और शांतिपूर्ण चर्चा को प्राथमिकता देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विचारों का आदान-प्रदान जरूरी है और विवादों का हल बातचीत से निकाला जाना चाहिए।