'शैंपेन के साथ मैं उनसे बात करूंगी...' प्रियंका की मां ने ऐसे दिलाई थी मिस इंडिया में जाने की इजाजत
मुंबई, 17 जुलाई (आईएएनएस)। प्रियंका चोपड़ा सिर्फ बॉलीवुड की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की जानी-मानी हस्तियों में शामिल हैं। मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने से लेकर हॉलीवुड तक अपनी पहचान बनाने वाली प्रियंका आज हजारों लड़ियों के लिए प्रेरणा हैं। लेकिन उनके करियर की शुरुआत इतनी आसान नहीं थी। मिस इंडिया के मंच तक पहुंचने का उनका सफर इतना आसान नहीं था?
साल 2000 में मिस इंडिया वर्ल्ड का खिताब जीतने वाली प्रियंका चोपड़ा ने अपनी आत्मकथा ‘अभी बाकी है सफर’ में अपनी जिंदगी के कई अनसुने किस्से साझा किए हैं। इन्हीं में से एक किस्सा है उस वक्त का, जब उन्हें मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए अपने पिता को मनाना पड़ा था।
दरअसल, प्रियंका चोपड़ा का जन्म 18 जुलाई 1982 को जमशेदपुर में हुआ था। उनके माता-पिता, कैप्टन डॉ. अशोक चोपड़ा और डॉ. मधु चोपड़ा, भारतीय सेना में चिकित्सक थे। उनके परिवार में शिक्षा और करियर को बहुत महत्व दिया जाता था। ऐसे माहौल में अचानक ब्यूटी पेजेंट में भाग लेने के लिए पिता को मनाना आसान नहीं था।
प्रियंका उस समय सिर्फ 17 साल की थीं और अपनी पढ़ाई में व्यस्त थीं। एक दिन स्कूल और ट्यूशन के बीच लंच करते समय उन्हें एक ऐसा फोन आया, जिसने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। फोन फेमिना मैगजीन से आया था। उन्हें बताया गया कि उनका चयन मिस इंडिया पैजेंट के नॉर्थ इंडिया राउंड के लिए हुआ है और उन्हें दिल्ली में होने वाले शुरुआती ऑडिशन में शामिल होना है।
प्रियंका के लिए यह खबर किसी सपने से कम नहीं थी। उन्हें पहले लगा कि शायद उनकी लोकप्रियता की वजह से मिस इंडिया वालों ने उन्हें चुना है। उन्होंने मासूमियत से सोचा कि "मैं बरेली में इतनी पॉपुलर हूं कि मिस इंडिया वालों को भी पता है कि मैं कौन हूं।" लेकिन बाद में उनकी मां ने उन्हें बताया कि उन्होंने ही प्रियंका की तरफ से आवेदन भेजा था।
अब असली चुनौती थी पिता को इस बारे में बताना। प्रियंका के प्री-बोर्ड एग्जाम आने वाले थे और उनके पिता चाहते थे कि प्रियंका पढ़ाई पर ध्यान दें और अपना भविष्य बनाएं। ऐसे में अचानक ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा लेने की बात करना आसान नहीं था।
प्रियंका की मां ने इस मुश्किल काम को अपने अंदाज में संभालने की योजना बनाई। उन्होंने प्रियंका से कहा कि जब पापा घर आएं तो अच्छे से पेश आना, कोई बहस नहीं करना और माहौल अच्छा रखना। इसके बाद उन्होंने कहा, "मैं शैंपेन के साथ उनसे बात करूंगी।"
प्रियंका की मां जानती थीं कि किस तरह सही समय और सही तरीके से बात रखनी है। आखिरकार उनकी कोशिश रंग लाई। प्रियंका के पिता मान गए, लेकिन उन्होंने एक शर्त रखी कि प्रियंका अकेले नहीं जाएंगी। उनकी मां उनके साथ दिल्ली जाएंगी।
इसके बाद प्रियंका और उनकी मां दिल्ली के लिए रवाना हुईं। ट्रेन से सफर कर दोनों मिस इंडिया के शुरुआती राउंड में पहुंचीं। प्रियंका के लिए यह अनुभव बिल्कुल नया था। वह वहां मौजूद दूसरी लड़कियों को देखकर हैरान थीं, क्योंकि कई प्रतिभागी पहले से मॉडलिंग और फैशन की दुनिया से जुड़ी हुई थीं।
उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह इस प्रतियोगिता में इतना आगे जाएंगी। उनके लिए यह सिर्फ एक नया अनुभव था, लेकिन यही अनुभव आगे चलकर उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ बन गया। मिस इंडिया जीतने के बाद प्रियंका ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
साल 2000 में उन्होंने मिस वर्ल्ड का ताज अपने नाम किया और फिर फिल्मों में कदम रखा। आज वह न केवल एक अंतरराष्ट्रीय स्टार हैं, बल्कि वह एक निर्माता, उद्यमी और सामाजिक कार्यों से जुड़ी व्यक्तित्व भी हैं।
--आईएएनएस
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