टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: आरे के जंगल में 3 दिन तक शूटरों ने की थी प्रैक्टिस, वीडियो में जाने 31 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर तीनों आरोपी
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में क्राइम ब्रांच की जांच में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के लिए तीनों संदिग्ध शूटरों ने मुंबई की आरे कॉलोनी के घने जंगल में फायरिंग की प्रैक्टिस की थी। आरोपियों ने कथित तौर पर लगातार 3 से 4 दिन तक रोजाना दो से ढाई घंटे अभ्यास किया। इसके बाद रविवार शाम टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की गई। इस मामले में तीनों संदिग्ध शूटरों समेत अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।पुलिस के अनुसार, संदिग्ध शूटर ऋतिक, रेहान अंसारी और फूल सिंह ने पूछताछ के दौरान आरे कॉलोनी के जंगल में अभ्यास करने की बात बताई। तीनों फिलहाल 31 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर हैं। क्राइम ब्रांच अब वारदात की तैयारी से लेकर हथियार की व्यवस्था और आरोपियों की गतिविधियों तक की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
आरे के जंगल में की थी फायरिंग की प्रैक्टिस
जांच के मुताबिक, तीनों संदिग्ध शूटरों ने आरे कॉलोनी के घने जंगल में सुनसान जगह चुनकर फायरिंग का अभ्यास किया था। पुलिस के अनुसार, रेहान को छोड़कर ऋतिक और फूल सिंह को पहले पिस्टल चलाने का अनुभव नहीं था। इसी वजह से उन्होंने कथित तौर पर वारदात से पहले अभ्यास किया।पूछताछ में सामने आया कि शुरुआत में तीनों एयरगन से फायरिंग करते थे। इसके बाद असली पिस्टल से भी गोलियां चलाई गईं। पुलिस के मुताबिक, अभ्यास के दौरान एक आरोपी ने असली पिस्टल से दो राउंड और दूसरे ने एक राउंड फायर किया था।
17 अक्टूबर को होटल में मिला था हथियार
क्राइम ब्रांच की जांच में यह बात भी सामने आई है कि फायरिंग में इस्तेमाल किया गया असली हथियार आरोपियों को 17 अक्टूबर को एक होटल में मिला था। पुलिस के मुताबिक, उसी शाम तीनों आरे कॉलोनी के जंगल में पहुंचे और सुनसान जगह पर फायरिंग का अभ्यास किया।जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हथियार किसने उपलब्ध कराया था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे। हथियार की सप्लाई और आरोपियों के बीच संपर्क की कड़ियों की भी जांच की जा रही है।
छह रास्तों के CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
आरे कॉलोनी के जंगल में आरोपियों की आवाजाही का पता लगाने के लिए पुलिस छह रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। जांचकर्ताओं को उम्मीद है कि इन फुटेज से आरोपियों के आने-जाने के समय और उनकी गतिविधियों से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं।पुलिस वारदात से पहले की तैयारियों, हथियार मिलने की परिस्थितियों और फायरिंग के पीछे संभावित भूमिका की पड़ताल कर रही है।
अब तक 10 आरोपियों की गिरफ्तारी
इस मामले में तीन संदिग्ध शूटरों सहित कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। तीनों संदिग्ध शूटर 31 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर हैं। इस दौरान उनसे पूछताछ कर मामले में अन्य संभावित आरोपियों और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है।फिलहाल, क्राइम ब्रांच की जांच जारी है। पुलिस की ओर से जुटाए जा रहे सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले की आगे की कड़ियां स्पष्ट होने की उम्मीद है।