MBA और कॉर्पोरेट जॉब का था प्लान, फिर मॉडलिंग ने बदली राह; वीडियो में जाने ऐसे एक्टर बने सिद्धार्थ मल्होत्रा, ‘शेरशाह’ ने बदल दी किस्मत
सिद्धार्थ मल्होत्रा आज बॉलीवुड के चर्चित अभिनेताओं में शामिल हैं, लेकिन उनका फिल्मी सफर किसी फिल्मी परिवार से शुरू नहीं हुआ था। दिल्ली के एक मिडिल क्लास परिवार में पले-बढ़े सिद्धार्थ का परिवार आर्मी और मर्चेंट नेवी बैकग्राउंड से जुड़ा रहा है। स्कूल और कॉलेज के दिनों में उन्होंने कभी खुलकर यह नहीं कहा था कि उन्हें अभिनेता बनना है। उस समय उनका फोकस पढ़ाई, एमबीए और आगे चलकर कॉर्पोरेट सेक्टर में नौकरी करने पर था। हालांकि, उनके भीतर छिपा कलाकार धीरे-धीरे मॉडलिंग के जरिए सामने आया और यहीं से उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया।
सिद्धार्थ ने कम उम्र में ही मॉडलिंग शुरू कर दी थी। मॉडलिंग के दौरान उन्हें कैमरे के सामने काम करने का अनुभव मिला और धीरे-धीरे एक्टिंग की तरफ उनका रुझान बढ़ने लगा। करीब 21 साल की उम्र में वह मुंबई पहुंचे। मायानगरी में कदम रखने के बाद उन्हें एक फिल्म में काम करने का मौका भी मिला, लेकिन यह प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ सका और बंद हो गया। इस शुरुआती झटके के बावजूद सिद्धार्थ ने हार नहीं मानी।मुंबई में संघर्ष के दौरान उनके सामने कई तरह की परेशानियां थीं। घर तलाशने से लेकर लगातार ऑडिशन देने और आर्थिक चुनौतियों का सामना करने तक, उन्हें इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी। इसी दौरान उन्हें यह एहसास हुआ कि केवल ऑडिशन देना ही पर्याप्त नहीं है। फिल्म बनने की प्रक्रिया को करीब से समझना और कैमरे के पीछे काम करने का अनुभव हासिल करना भी जरूरी है।
अनुभव सिन्हा की एक फिल्म बंद होने के बाद सिद्धार्थ ने अपना रास्ता बदलने का फैसला किया। उन्होंने एक्टिंग के साथ-साथ फिल्ममेकिंग को समझने की कोशिश शुरू की और असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम करने का मौका तलाशा। इसी दौरान उनकी मुलाकात मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा के जरिए करण जौहर से हुई।इसके बाद सिद्धार्थ करण जौहर की फिल्म ‘माय नेम इज खान’ की असिस्टेंट डायरेक्टर टीम का हिस्सा बने। खास बात यह थी कि इस फिल्म में उनके साथ वरुण धवन भी असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे। फिल्म के सेट पर काम करते हुए सिद्धार्थ को बड़े कलाकारों, डायरेक्शन और फिल्म के पूरे निर्माण की प्रक्रिया को करीब से देखने का मौका मिला।
सिद्धार्थ ने कई मौकों पर इस अनुभव को अपनी एक्टिंग यात्रा की महत्वपूर्ण ट्रेनिंग में से एक बताया है। कैमरे के सामने आने से पहले कैमरे के पीछे काम करने ने उन्हें फिल्म निर्माण की बारीकियां समझने में मदद की। इसके बाद करण जौहर ने उन्हें ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ से बॉलीवुड में बतौर अभिनेता लॉन्च किया। फिल्म में उनके साथ वरुण धवन और आलिया भट्ट भी नजर आए थे।डेब्यू के बाद सिद्धार्थ के करियर में उतार-चढ़ाव का दौर भी आया। कुछ फिल्मों ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया और उनके करियर को लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, उन्होंने काम करना जारी रखा और अलग-अलग तरह के किरदारों में खुद को साबित करने की कोशिश की।
सिद्धार्थ मल्होत्रा के करियर में सबसे बड़ा मोड़ फिल्म ‘शेरशाह’ से आया। कैप्टन विक्रम बत्रा के जीवन पर आधारित इस फिल्म में सिद्धार्थ ने मुख्य भूमिका निभाई। फिल्म में उनके अभिनय को दर्शकों से काफी सराहना मिली और उनके करियर को एक नई पहचान मिली।दिल्ली से मुंबई तक का सिद्धार्थ मल्होत्रा का सफर यह दिखाता है कि बॉलीवुड में पहचान बनाने के लिए केवल ग्लैमर या बड़े संपर्क ही पर्याप्त नहीं होते। मॉडलिंग से शुरुआत, असफल प्रोजेक्ट, आर्थिक मुश्किलें, असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम और फिर बतौर अभिनेता शुरुआत—सिद्धार्थ ने अपने करियर में कई पड़ाव देखे हैं। ‘शेरशाह’ की सफलता ने उनके लंबे संघर्ष को एक नई दिशा दी और उन्हें इंडस्ट्री में एक अलग पहचान दिलाई।