सोनाली बेंद्रे बोलीं- रिश्तों में परफेक्शन नहीं, छोटी-मोटी नोकझोंक ही खूबसूरती; वीडियो में देंखे पति गोल्डी बहल के साथ शादी के 20 साल से ज्यादा का सफर किया साझा
एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे इन दिनों अपने नए शो ‘धमाल विद पति-पत्नी और पंगा 2’ को लेकर चर्चा में हैं। यह शो 10 अक्टूबर से कलर्स चैनल पर हर शनिवार और रविवार रात 9 बजे प्रसारित हो रहा है। शो को होस्ट कर रहीं सोनाली बेंद्रे ने हाल ही में रिश्तों, शादीशुदा जिंदगी और पति-पत्नी के बीच होने वाली नोकझोंक को लेकर अपनी राय साझा की। उनका मानना है कि किसी भी रिश्ते में परफेक्ट होना जरूरी नहीं है, बल्कि छोटी-मोटी तकरार, मनाना और एक-दूसरे को समझना ही रिश्ते को खास बनाता है।सोनाली के मुताबिक, रिश्तों में हर समय सब कुछ अच्छा और आसान नहीं हो सकता। कभी-कभी विचारों का अंतर और छोटी-छोटी बातों पर होने वाली बहस भी रिश्ते का हिस्सा होती है। जरूरी यह है कि दोनों पार्टनर एक-दूसरे की भावनाओं को समझें और साथ मिलकर समस्याओं का हल निकालें। उनका मानना है कि अपने साथी को बदलने की कोशिश करने के बजाय उसे उसकी खूबियों और कमियों के साथ स्वीकार करना चाहिए।
गोल्डी बहल के साथ 20 साल से ज्यादा की शादीशुदा जिंदगी
मीडिया से बातचीत के दौरान सोनाली ने पति गोल्डी बहल के साथ अपनी शादीशुदा जिंदगी के अनुभव भी साझा किए। दोनों की शादी को 20 साल से ज्यादा समय हो चुका है। इतने लंबे सफर के दौरान रिश्ते को मजबूत बनाए रखने के बारे में सोनाली की सोच साफ है। उनके लिए रिश्ते की खूबसूरती किसी आदर्श तस्वीर या बिना झगड़े वाली जिंदगी में नहीं, बल्कि एक-दूसरे के साथ खड़े रहने और हर परिस्थिति में साथ निभाने में है।सोनाली ने यह भी बताया कि उन्हें इस बात की खास दिलचस्पी नहीं है कि गोल्डी की नजर में उनकी कौन-सी आदत सबसे ज्यादा परेशान करने वाली है। उनकी बातों से साफ है कि वह रिश्ते में छोटी-मोटी कमियों को लेकर जरूरत से ज्यादा परेशान होने के बजाय आपसी समझ और स्वीकार्यता को महत्व देती हैं।
बीमारी के मुश्किल दौर में पति का साथ सबसे बड़ा तोहफा
सोनाली बेंद्रे ने अपनी जिंदगी के मुश्किल दौर का जिक्र करते हुए बताया कि बीमारी के दौरान पति गोल्डी बहल का साथ उनके लिए बेद खास रहा। उस समय पति का उनके साथ खड़े रहना उनके लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं था। मुश्किल परिस्थितियों में मिलने वाला भावनात्मक सहारा किसी भी रिश्ते की मजबूती को दर्शाता है।सोनाली की बातों से यह भी समझा जा सकता है कि रिश्ते की असली परीक्षा अच्छे समय में नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में होती है। जब जिंदगी चुनौतीपूर्ण हो, तब पार्टनर का साथ और भरोसा सबसे ज्यादा मायने रखता है।
सोशल मीडिया पर आदर्श कपल दिखने का दबाव
आजकल सोशल मीडिया पर कई कपल अपनी जिंदगी की खूबसूरत तस्वीरें और वीडियो साझा करते हैं। इससे कई बार दूसरों के मन में यह धारणा बन जाती है कि एक सफल रिश्ते में कभी झगड़ा नहीं होता और पार्टनर हमेशा एक-दूसरे से सहमत रहते हैं। सोनाली की सोच इससे अलग है। उनके मुताबिक, रिश्तों में परफेक्शन की अपेक्षा करना जरूरी नहीं है।हर कपल की जिंदगी अलग होती है और सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली तस्वीरें किसी रिश्ते की पूरी कहानी नहीं बतातीं। छोटी-मोटी नोकझोंक होना किसी रिश्ते की कमजोरी नहीं, बल्कि सामान्य बात है। असली बात यह है कि दोनों लोग एक-दूसरे को कितना समझते हैं और मतभेद होने पर किस तरह उन्हें सुलझाते हैं।सोनाली बेंद्रे की ये बातें उन लोगों के लिए एक अहम संदेश हैं, जो रिश्तों में हर समय परफेक्शन की उम्मीद रखते हैं। उनके मुताबिक, मजबूत रिश्ता बनाने के लिए साथी को बदलना नहीं, बल्कि उसे स्वीकार करना, एक-दूसरे का सम्मान करना और मुश्किल समय में साथ निभाना ज्यादा जरूरी है।