×

फिल्म सर्टिफिकेशन के नियम बदले, वीडियो में देंखे सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन; हिंसा-ड्रग्स और महिलाओं के चित्रण पर जोर

 

भारतीय फिल्मों के सर्टिफिकेशन को लेकर केंद्र सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने गुरुवार को फिल्म सर्टिफिकेशन से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नई गाइडलाइन ने 1991 में बनाए गए पुराने नियमों की जगह ली है। सरकार की ओर से जारी नए नियमों में फिल्मों के कंटेंट, उम्र के हिसाब से रेटिंग और संवेदनशील विषयों के चित्रण को लेकर कई प्रावधानों को स्पष्ट किया गया है। नई गाइडलाइन में फिल्ममेकर्स की क्रिएटिव फ्रीडम के साथ सामाजिक बदलाव और दर्शकों की उम्र के अनुसार फिल्मों के वर्गीकरण पर भी जोर दिया गया है। हालांकि, फिल्मों में सेंसरशिप से जुड़े पुराने प्रावधानों को पूरी तरह समाप्त नहीं किया गया है।

हिंसा और ड्रग्स के चित्रण पर विशेष ध्यान

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/W9n-W4YB2bg?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/W9n-W4YB2bg/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

नई गाइडलाइन में फिल्ममेकर्स से हिंसा और नशीले पदार्थों से जुड़े दृश्यों को लेकर सावधानी बरत को कहा गया है। फिल्मों में ड्रग्स, नशीले पदार्थों और उनके इस्तेमाल को जिस तरह से दिखाया जाता है, उसमें दर्शकों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को ध्यान में रखने की बात कही गई है।इसी तरह धूम्रपान और अन्य तंबाकू उत्पादों के चित्रण को लेकर भी नियमों को स्पष्ट किया गया है। फिल्म में ऐसे कंटेंट को दिखाते समय निर्धारित प्रावधानों का पालन करना होगा।

यौन हिंसा के चित्रण पर सख्ती

नई गाइडलाइन में यौन हिंसा से जुड़े दृश्यों और उनके चित्रण को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की बात कही गई है। संवेदनशील घटनाओं को फिल्म में किस तरह प्रस्तुत किया जाता है, इसे लेकर फिल्ममेकर्स को निर्धारित नियमों का ध्यान रखना होगा।सरकार ने बच्चों और अन्य कमजोर वर्गों के चित्रण से जुड़े प्रावधानों को भी स्पष्ट किया है। ऐसे वर्गों को लेकर फिल्मों में किसी तरह के आपत्तिजनक या अनुचित चित्रण से बचने पर जोर दिया गया है।

महिलाओं के चित्रण को लेकर भी नियम

नई गाइडलाइन में फिल्मों में महिलाओं के चित्रण से जुड़े नियमों को भी स्पष्ट किया गया है। महिलाओं को किस तरह प्रस्तुत किया जाता है और किसी दृश्य या कंटेंट से उनके सम्मान पर असर न पड़े, इसे लेकर सावधानी बरतने के प्रावधान किए गए हैं।इसके अलावा फिल्म के कंटेंट की प्रकृति और दर्शकों की उम्र के हिसाब से सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया को भी नए तरीके से स्पष्ट किया गया है।

1991 के नियमों की जगह नई गाइडलाइन

सरकार की नई गाइडलाइन ने 1991 में बनाए गए पुराने फिल्म सर्टिफिकेशन नियमों की जगह ली है। लंबे समय बाद नियमों में बदलाव ऐसे समय किया गया है जब फिल्मों में नए विषयों, बदलती सामाजिक परिस्थितियों और डिजिटल कंटेंट के कारण सर्टिफिकेशन प्रक्रिया को लेकर लगातार चर्चा होती रही है।नई गाइडलाइन का उद्देश्य फिल्मों के सर्टिफिकेशन से जुड़े नियमों को मौजूदा सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप स्पष्ट करना है। अब फिल्ममेकर्स को संवेदनशील विषयों पर फिल्म बनाते समय नए प्रावधानों का ध्यान रखना होगा।