राजेश खन्ना के साथ रिश्ते को शादी की कानूनी मान्यता नहीं मिली, वीडियो में जाने सुप्रीम कोर्ट ने अनीता आडवाणी की याचिका खारिज की
दिवंगत बॉलीवुड सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ अपने रिश्ते को शादी के रूप में कानूनी मान्यता दिलाने की अभिनेत्री अनीता आडवाणी की कोशिश को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। अदालत ने अनीता की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए इसे 'लक्जरी लिटिगेशन' यानी फिजूल मुकदमेबाजी करार दिया। इसके साथ ही बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा गया है।जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने कहा कि याचिका में आगे सुनवाई करने का कोई ठोस आधार नहीं है। अनीता आडवाणी लंबे समय से राजेश खन्ना के साथ अपने रिश्ते को कानूनी पहचान दिलाने के लिए अदालतों का दरवाजा खटखटा रही थीं।
10 साल से ज्यादा लिव-इन रिलेशनशिप में रहने का दावा
अनीता आडवाणी ने दावा किया था कि वह राजेश खन्ना के साथ 10 साल से अधिक समय तक लिव-इन रिलेशनशिप में रही थीं। उनका कहना था कि दोनों का रिश्ता शादी जैसा था और उन्हें कानूनी रूप से भी पत्नी का दर्जा मिलना चाहिए।इसी आधार पर उन्होंने राजेश खन्ना के परिवार के खिलाफ घरेलू हिंसा कानून के तहत मामला दर्ज कराया था। इस मामले में उन्होंने अभिनेता की पत्नी डिंपल कपाड़िया और परिवार के अन्य सदस्यों को पक्षकार बनाया था।अनीता की मांग थी कि उनके और राजेश खन्ना के रिश्ते को कानूनी मान्यता दी जाए, ताकि उन्हें रिश्ते से जुड़े अधिकार मिल सकें। हालांकि, उनकी इस मांग को पहले बॉम्बे हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली थी।
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का फैसला रखा बरकरार
बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अनीता आडवाणी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने याचिका पर आगे विचार करने से इनकार कर दिया। अदालत ने इसे 'लक्जरी लिटिगेशन' बताते हुए कहा कि इसमें सुनवाई जारी रखने का कोई ठोस आधार नहीं है।सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अनीता आडवाणी को इस मामले में राहत नहीं मिली है। अदालत ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है।
वकील बोले- मामला आत्मसम्मान और गरिमा का है
सुनवाई के दौरान अनीता आडवाणी के वकील ने अदालत में दलील दी कि यह याचिका किसी आर्थिक लाभ या संपत्ति के लालच में दाखिल नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि अनीता की लड़ाई अपने आत्मसम्मान और गरिमा के लिए है। वह केवल अपने और राजेश खन्ना के रिश्ते को कानूनी पहचान दिलाना चाहती हैं।हालांकि, वकील की दलीलों के बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।
2012 में हुआ था राजेश खन्ना का निधन
राजेश खन्ना को हिंदी सिनेमा का पहला सुपरस्टार कहा जाता है। उन्होंने 'आराधना', 'आनंद', 'अमर प्रेम' और 'कटी पतंग' जैसी कई यादगार फिल्मों में काम किया था। उनका निधन 18 जुलाई 2012 को हुआ था। उनकी पत्नी डिंपल कपाड़िया और दो बेटियां ट्विंकल खन्ना और रिंकी खन्ना हैं।अनीता आडवाणी और राजेश खन्ना के रिश्ते को लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद चल रहा था। सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद इस मामले में अनीता को कानूनी राहत नहीं मिल सकी है।