डोनाल्ड ट्रम्प की चुनावी कमेटी पर नील यंग ने किया 95 करोड़ रुपये का मुकदमा, वीडियो में जाने बिना अनुमति गाना बजाने का आरोप
अमेरिकी-कनाडाई सिंगर और गीतकार नील यंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की पॉलिटिकल एक्शन कमेटी ‘ट्रम्प 47 कमेटी इंक’ के खिलाफ 10 मिलियन डॉलर यानी करीब 95.10 करोड़ रुपये का मुकदमा दायर किया है। यंग ने आरोप लगाया है कि उनकी अनुमति और जरूरी लाइसेंस के बिना उनके मशहूर गाने ‘रॉकिन इन द फ्री वर्ल्ड’ का इस्तेमाल ट्रम्प की चुनावी रैली में किया गया।मुकदमा सोमवार को अमेरिका के वर्जीनिया राज्य में दायर किया गया। यंग के मुताबिक, 12 अक्टूबर को ओहायो के यंग्सटाउन में आयोजित मिडटर्म चुनावी रैली के दौरान डोनाल्ड ट्रम्प के मंच पर आने के समय उनका गाना बजाया गया था। सिंगर का कहना है कि इस गाने के इस्तेमाल के लिए आवश्यक लाइसेंस लेना जरूरी था, लेकिन ट्रम्प की कमेटी ने उनसे इसकी अनुमति नहीं ली।
बिना लाइसेंस गाना इस्तेमाल करने का आरोप
नील यंग ने अपनी कानूनी चुनौती में कहा है कि उन्होंने ट्रम्प की चुनावी कमेटी को अपने गाने के इस्तेमाल के लिए कोई लाइसेंस नहीं दिया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी ओर से ऐसा लाइसेंस देने की इच्छा भी नहीं जताई गई थी। ऐसे में चुनावी रैली के दौरान गाने का इस्तेमाल किए जाने को लेकर उन्होंने कानूनी कार्रवाई की है।‘रॉकिन इन द फ्री वर्ल्ड’ नील यंग के चर्चित गानों में शामिल है। यह गाना राजनीतिक और सामाजिक संदर्भों में भी पहचाना जाता है। किसी कलाकार के गाने का राजनीतिक रैली में इस्तेमाल होने पर अनुमति और कॉपीराइट से जुड़े सवाल उठ सकते हैं। इस मामले में यंग का आरोप है कि उनकी सहमति के बिना गाने को ट्रम्प के चुनावी कार्यक्रम से जोड़ा गया।
ट्रम्प के खिलाफ दूसरी बार कानूनी चुनौती
यह पहला मौका नहीं है, जब नील यंग ने डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ अपने इसी गाने के कथित अनधिकृत इस्तेमाल को लेकर कानूनी कदम उठाया है। इससे पहले वर्ष 2020 में भी उन्होंने ट्रम्प के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। हालांकि, वह मामला बाद में समझौते के जरिए सुलझा लिया गया था।अब एक बार फिर इसी गाने के इस्तेमाल को लेकर विवाद सामने आया है। इस बार यंग ने ट्रम्प की पॉलिटिकल एक्शन कमेटी को निशाना बनाया है और 10 मिलियन डॉलर के हर्जाने की मांग की है।
राजनीतिक रैलियों में गानों के इस्तेमाल पर फिर चर्चा
अमेरिका में राजनीतिक अभियानों के दौरान लोकप्रिय संगीत का इस्तेमाल लंबे समय से विवाद का विषय रहा है। कई कलाकारों ने अपने गानों को राजनीतिक नेताओं या अभियानों से जोड़े जाने पर आपत्ति जताई है। कलाकारों का कहना है कि बिना अनुमति उनके संगीत का इस्तेमाल उनकी छवि और राजनीतिक विचारों को गलत तरीके से पेश कर सकता है।नील यंग के इस मुकदमे से एक बार फिर राजनीतिक प्रचार में संगीत के इस्तेमाल और कॉपीराइट नियमों को लेकर चर्चा तेज हो सकती है। फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों और हर्जाने की मांग पर आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।