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नेहा कक्कड़ ने सिंगिंग रियलिटी शोज को बताया ‘अनस्क्रिप्टेड’, वीडियो में बोलीं- अंगूर नहीं मिलते तो खट्टे लगते हैं

 

बॉलीवुड की मशहूर सिंगर नेहा कक्कड़ ने सिंगिंग रियलिटी शोज के स्क्रिप्टेड और फेक होने की चर्चाओं पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। नेहा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रियलिटी शोज में दिखाए जाने वाले कंटेस्टेंट्स के संघर्ष और भावनाएं वास्तविक होती हैं। हाल ही में मीडिया से बातचीत के दौरान नेहा कक्कड़ से रियलिटी शोज के स्क्रिप्टेड होने और उनकी गिरती TRP को लेकर सवाल पूछा गया था। इस दौरान उनसे सिंगर सुनिधि चौहान समेत कुछ अन्य जजों के बयानों पर भी प्रतिक्रिया मांगी गई।

‘मैंने शो छोड़ा तो TRP गिर गई’

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रियलिटी शोज की लोकप्रियता और TRP को लेकर पूछे गए सवाल पर नेहा कक्कड़ ने कहा कि जब तक वह शो का हिस्सा थीं, तब तक उसकी TRP काफी अच्छी थी।नेहा ने कहा, “वो इसलिए गिर गई क्योंकि मैंने करना छोड़ दिया! जब तक मैं कर रही थी, टीआरपी हाईएस्ट थी।”इसके बाद उन्होंने आलोचना करने वालों पर तंज कसते हुए कहा, “अंगूर ना मिले तो खट्टे हैं, लोग ऐसा बोलते हैं। तो वैसा ही है। अंगूर जिसको नहीं मिलते, उसको खट्टे ही लगते हैं।”

‘लोगों की जिंदगी स्क्रिप्टेड नहीं होती’

नेहा कक्कड़ ने रियलिटी शोज के फेक होने की बात को खारिज करते हुए कहा कि इनमें आने वाले लोगों की कहानियां वास्तविक होती हैं।उन्होंने कहा, “ये शो बिल्कुल स्क्रिप्टेड नहीं है। लोगों की लाइफ बिल्कुल स्क्रिप्टेड नहीं होती।”नेहा ने कहा कि भारत में ज्यादातर लोग साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं और उनकी संघर्ष की कहानियां भावनाओं से जुड़ी होती हैं। उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि वह भी एक साधारण परिवार से आई हैं, इसलिए किसी कंटेस्टेंट की कहानी सुनकर भावुक होना स्वाभाविक है।

संघर्ष की कहानियों से जुड़ते हैं दर्शक

नेहा ने कहा कि रियलिटी शोज में आने वाले प्रतिभागी अपनी मेहनत और संघर्ष के दम पर आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं। जब कोई व्यक्ति अपनी जिंदगी की कठिनाइयों को साझा करता है तो उससे जुड़ना एक स्वाभाविक मानवीय भावना है।उन्होंने कहा कि अगर किसी की कहानी सुनकर उन्हें भावनाएं महसूस होती हैं तो यह बनावटी नहीं बल्कि वास्तविक प्रतिक्रिया होती है।

रियलिटी शोज पर उठते रहे हैं सवाल

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से सिंगिंग और अन्य रियलिटी शोज को लेकर यह बहस चलती रही है कि इनमें कई चीजें पहले से तय होती हैं। कुछ पूर्व जज और कलाकार भी समय-समय पर इन शोज के फॉर्मेट और भावनात्मक पहलुओं पर सवाल उठा चुके हैं।हालांकि, नेहा कक्कड़ का कहना है कि कंटेस्टेंट्स की मेहनत और उनकी भावनाएं असली होती हैं। उनके मुताबिक, दर्शक भी इन्हीं वास्तविक संघर्षों और प्रतिभा की वजह से इन शोज से जुड़ते हैं।