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जब ‘परिंदा’ की शूटिंग में आग से झुलस गए थे नाना पाटेकर, वीडियो में जाने एक साल तक फिल्मों से रहे दूर; प्रोड्यूसर से घर पर धुलवाए बर्तन

 

अभिनेता नाना पाटेकर का फिल्मी करियर करीब पांच दशक लंबा रहा है। थिएटर से अभिनय की शुरुआत करने वाले नाना ने अपनी दमदार अदाकारी से हिंदी सिनेमा में अलग पहचान बनाई। ‘गमन’, ‘अंकुश’, ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’, ‘अब तक छप्पन’, ‘अपहरण’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उन्होंने यादगार भूमिकाएं निभाईं। उनके अभिनय से जुड़े कई किस्से भी चर्चा में रहे हैं। ऐसा ही एक किस्सा फिल्म ‘परिंदा’ की शूटिंग के दौरान लगी आग का है, जिसमें नाना पाटेकर बुरी तरह झुलस गए थे।

‘परिंदा’ के क्लाइमैक्स सीन में झुलस गए थे नाना

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फिल्म ‘परिंदा’ के क्लाइमैक्स में नाना पाटेकर को आग की लपटों के बीच दिखाया गया था। फिल्म के निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा ने शूटिंग से पहले उन्हें सुरक्षा के लिए सेफ्टी गार्ड पहनने को कहा था। बताया जाता है कि नाना का मानना था कि सुरक्षा के लिए अतिरिक्त चीजें पहनने से उनके अभिनय की स्वाभाविकता प्रभावित हो सकती है।

हालांकि, निर्देशक के कहने पर उन्होंने शरीर को कुछ हद तक ढंक लिया। लेकिन जब सीन की शूटिंग शुरू हुई, तो आग की लपटें उनके शरीर तक पहुंच गईं। इस दौरान उनके हाथ-पैर की त्वचा झुलस गई और मामला गंभीर हो गया। उन्हें इलाज के लिए मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती कराया गया।इस घटना के बाद नाना पाटेकर करीब एक साल तक फिल्मों से दूर रहे। यह किस्सा उनके अभिनय के ति समर्पण के साथ-साथ फिल्म शूटिंग के दौरान सुरक्षा की अहमियत को भी सामने लाता है।

परेश रावल ने सुनाया नाना का मजेदार किस्सा

अभिनेता परेश रावल ने ‘लल्लनटॉप’ को दिए एक इंटरव्यू में नाना पाटेकर से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा सुनाया था। उनके मुताबिक, एक बार नाना ने एक फिल्म प्रोड्यूसर को अपने घर बुलाया। बातचीत के दौरान नाना ने प्रोड्यूसर से पूछा कि क्या वह मटन खाते हैं।जब प्रोड्यूसर ने मटन खा लिया, तो नाना ने उनसे सीधे कहा कि आपने मटन खा लिया है, अब जाकर बर्तन साफ कीजिए। यह किस्सा नाना के बेबाक और अलग अंदाज को दिखाता है। हालांकि, यह घटना परेश रावल की ओर से सुनाए गए किस्से के रूप में सामने आई है।

‘अंकुश’ के लिए दांव पर लगा दिया था घर

नाना पाटेकर के करियर में साल 1986 में रिलीज हुई फिल्म ‘अंकुश’ को अहम माना जाता है। इस फिल्म ने उन्हें दर्शकों के बीच पहचान दिलाने में भूमिका निभाई। फिल्म से जुड़ा एक किस्सा यह भी है कि इसे पूरा करने के लिए नाना ने अपना घर तक गिरवी रख दिया था।नाना पाटेकर का सफर संघर्ष, जोखिम और यादगार किरदारों से भरा रहा है। उन्होंने गंभीर भूमिकाओं से लेकर हास्य किरदारों तक में अपनी प्रतिभा दिखाई। यही वजह है कि उनके फिल्मी करियर और निजी अनुभवों से जुड़े किस्से आज भी दर्शकों की दिलचस्पी का विषय बने रहते हैं।